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चेतने का वक्त: तीन महीने की बच्ची की कोरोना से मौत, बिहार के 38 में से 33 ज़िलों में वेंटिलेटर नहीं; इलाज के लिए दूर ले जाने में सक्षम नहीं थे मां-बाप

कोरोना के अलावा बच्ची की मौत का कारण लचर हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर भी है। अस्पतालों में पर्याप्त बेड-वेंटीलेटर नहीं। बच्चों के लिए सिर्फ 143 वेंटीलेटर, जबकि कम से कम 10000 वेंटीलेटर कि जरूरत है।

बिहार में बच्चों के लिए 38 में से 33 ज़िलों में वेंटिलेटर नहीं। (Express file photo)

देश में कोरोना की दूसरी लहर अब भी समाप्त नहीं हुए है। कई राज्यों में अब भी लोग तेजी से संक्रमित पाए जा रहे हैं। अब बच्चे भी इस खतरनाक वायरस की चपेट में आना शुरू हो गए हैं। लोगों को इससे बचाने के लिए तेजी से वैक्सीन लगाए जा रहा है, लेकिन बच्चों के लिए अबतक कोई वैक्सीन नहीं आया है।

बिहार के किशनगंज से एक ऐसी ही घटना सामने आई है। ‘दैनिक भास्कर’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को किशनगंज गलगलिया की रहने वाली तीन महीने की एक बच्ची की कोरोना से मौत हो गई। जिले में बच्ची में कोरोना वायरस मिलने और इससे मौत होने का यह पहला मामला है। हालांकि, बच्ची की मां और पिता कोरोना से संक्रमित नही हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक गलगलिया के भाड़ा गोला निवासी फिरोज आलम की तीन महीने की बच्ची को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। जिसके बाद उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। बच्ची का कोविड-19 टेस्ट किया गया और वह पॉज़िटिव पाई गई। बच्ची का ऑक्सीजन लेवल भी बेहद कम था।

ऑक्सीजन 70 होने की वजह से बच्ची को आईसीयू में भर्ती करने की बात काही गई मधेपुरा के जन नायक कर्पूरी चिकित्सा महाविद्यालय मधेपुरा रेफर कर दिया गया। लेकिन बच्ची के मां-बाप इलाज के लिए दूर ले जाने में सक्षम नहीं थे और सदर अस्पताल में ही इलाज करने की गुहार लगाई, जहां शुक्रवार की शाम बच्ची ने दम तोड़ दिया।

कोरोना के अलावा बच्ची की मौत का कारण लचर हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर भी है। अस्पतालों में पर्याप्त बेड-वेंटीलेटर नहीं। बच्चों के लिए सिर्फ 143 वेंटीलेटर, जबकि कम से कम 10000 वेंटीलेटर कि जरूरत है। राज्य के हालात इतने खराब हैं कि बच्चों के लिए 33 जिलों में वेंटिलेटर ही नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पूरे राज्य में 184 नीकू, 175 पीकू और 6 ही आईसीयू उपलब्ध हैं।

बता दें बिहार में कोरोना संक्रमण दर शनिवार को एक फीसदी के नीचे 0.88 पर रही। एक दिन पहले राज्य में संक्रमण दर 0.87 फीसदी थी। राज्य में पिछले 24 घंटे में 1 लाख 13 हजार 880 सैंपल की जांच हुई। जिसमें 1007 नए संक्रमितों की पहचान की गई। पिछले 24 घंटे में राज्य में 1667 संक्रमित इलाज के बाद स्वस्थ हुए, जबकि 21 संक्रमितों की मौत हो गई।

राज्य में कोरोना संक्रमितों के स्वस्थ होने की दर 97.90 फीसदी हो गयी। जबकि एक दिन पूर्व राज्य में संक्रमितों के स्वस्थ होने की दर 97.80 फीसदी थी। राज्य में अभी कोरोना के 9627 सक्रिय मरीज इलाजरत हैं। पटना में 71 नए कोरोना संक्रमित सहित राज्य के सभी 38 जिलों में सौ से कम मिले नए संक्रमित मिले।

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