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यूपी में वैक्सीन घोटाला: अलीगढ़ पीएचसी को मिला टीका नॉएडा में लोगों को लगाया गया, अफसर बेख़बर

यूपी के गौतमबुद्ध नगर में फ्री कोविड वैक्सीन लगाए जा रहे हैं। ये वैक्सीन नोएडा से लगभग 120 किमी दूर अलीगढ़ जिले के नौरंगाबाद में स्थित एक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC) से लाये गए हैं।

अलीगढ़ जिले के वैक्सीन नोएडा में लगाए जा रहे हैं।(Express Photo/Representational)

कोरोना की दूसरी लहर अब धीरे-धीरे कम हो रही है। लेकिन देश के कई राज्यों में वैक्सीन की कमी देखने को मिल रही है। इसी बीच उत्तर प्रदेश में वैक्सीन को लेकर एक चौंकने वाला मामला सामने आया है। इन दिनों यूपी के गौतमबुद्ध नगर में फ्री कोविड वैक्सीन लगाए जा रहे हैं। ये वैक्सीन नोएडा से लगभग 120 किमी दूर अलीगढ़ जिले के नौरंगाबाद में स्थित एक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC) से लाये गए हैं।

द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा एक्सेस किए गए रिकॉर्ड से पता चलता है कि ग्रेटर नोएडा के जेपी ग्रीन्स में पिछले महीने के अंत में एक वैक्सीन कैंप का आयोजन किया गया था। इस दौरान 18-44 की उम्र के बीच और 45 से ऊपर के करीब 200 लोगों को वैक्सीन लगाया गया था। नाम न बताने की शर्त पर कम से कम 10 निवासियों ने बताया कि शिविर 21 मई और 27 मई के बीच सोसाइटी में आयोजित किया गया था। रिकॉर्ड बताते हैं कि वैक्सीन लगवाने वालों को नौरंगाबाद में यूपीएचसी से वैक्सीन सर्टिफिकेट जारी किए गए थे।

द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा संपर्क किए जाने पर, यूपी के अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य और परिवार कल्याण) अमित मोहन प्रसाद ने कहा: “यह मामला हमारे संज्ञान में आया है। मैंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), अलीगढ़ से मामले की जांच करने को कहा है।

जिले में इस तरह के वैक्सीनेशन कैंपस को अनुमति देने वाले नोएडा के अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ नीरज त्यागी ने कहा “हमरे ऑफिस ने जेपी ग्रीन्स में ऐसे किसी वैक्सीनेशन कैंपस को अनुमति नहीं दी है।”

रविवार को गौतम बौद्ध नगर के सीएमओ दीपक ओहरी व अनुमंडल दंडाधिकारी प्रसून द्विवेदी ने सोसायटी का दौरा कर शिविरों की जानकारी ली। द्विवेदी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया “हमने कुछ लोगों से बात की जिन्हें वैक्सीन लगाए गए थे और कुछ अन्य निवासियों से भी बात की। हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि अलीगढ़ से टीके यहां कैसे पहुंचे और इसे किसने लगाया। जिला अधिकारियों को इन शिविरों के बारे में पता नहीं था। ”

एक निवासी ने अधिकारियों को एक लिखित शिकायत दी है। उसने आरोप लगाया गया कि 27 मई को वैक्सीन लगने के बावजूद कोई CoWIN प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया था।

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