ताज़ा खबर
 

कोरोनाः ऑक्सीजन की कमी से जयपुर गोल्डन अस्पताल चली गई थी परिजन की जान, परिवारों ने बनाया WhatsApp ग्रुप, मांग रहे जवाब

राजधानी दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में ऑक्सीजन संकट के चलते 21 मरीजों की मौत हो गई थी। इन मरीजों के परिजनों ने अपना दुख बांटने और अस्पताल के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है।

जयपुर गोल्डन अस्पताल में ऑक्सीजन संकट के चलते 21 मरीजों की मौत हो गई थी। (express file)

देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। पिछले महीने राजधानी दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में ऑक्सीजन संकट के चलते 21 मरीजों की मौत हो गई थी। इन मरीजों के परिजनों ने अपना दुख बांटने और अस्पताल के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है।

23-24 अप्रैल की रात को अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के चलते 21 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के तीन हफ्ते बाद ‘द संडे एक्सप्रेस’ से बात करते हुए मृतकों के परिजनों ने कहा कि वे अब भी इस घटना से बाहर नहीं आ पाये हैं। खासकर जिस तरह से उन लोगों की जान गई। अस्पताल में क्या चल रहा है, क्या हो रहा है ये अब भी हमें नहीं पता। अधिकांश ने कहा कि उन्हें 23 अप्रैल की शाम को अस्पताल प्रशासन की ओर से फोन आने शुरू हो गए थे। 2 बजे के लगभग खबर आई कि हमारे प्रियजन नहीं रहे।

उस रात सोनाली गोयल की 59 वर्षीय मां निशा गोयल की मौत भी हुई थी। सोनाली गोयल ने कहा “उस दिन में शाम 5.30 पर अस्पताल से निकली थी और लगभग 7 बजे, मेरा भाई उन्हें खाना देने गया था। उसे अंदर नहीं जाने दिया। गार्ड ने कहा कि रोगियों के साथ कुछ गंभीर हुए है और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है। उसने मां के बार में पूछा तो कहा गया कि सब ठीक है। उन्होंने अस्पताल के कर्मचारियों को खाना सौंप दिया और घर वापस आ गया।”

सोनाली ने कहा “मैं काफी रिलैक्स महसूस कर रही थी और सोच रही थी कि वह बेहतर हो रही है। लगभग 1.30 बजे, मुझे अस्पताल से फोन आया और हमें तुरंत पहुंचने के लिए कहा। हम दोनों वहां भागते हुए पहुंचे। जिसके बाद हमें बताया गया कि वह अब नहीं रहीं। उसका शरीर अकड़ गया था। उन्हें देख कर ऐसा लग रहा था कि उनकी मौत कई घंटे पहले हो गई है। लेकिन डॉक्टरों ने जोर देकर कहा कि यह कुछ ही मिनट पहले हुआ है।

अस्पताल ने हाई कोर्ट को बताया था कि समय पर ऑक्सीजन नहीं पहुंचने के लिए दिल्ली सरकार जिम्मेदार है। हालांकि, सरकार ने दावा किया कि उसकी जांच से पता चला है कि मरीजों की मौत ‘श्वसन विफलता’ से हुई थी, न कि ऑक्सीजन की कमी से। मृतकों के परिवारों के लिए, ये तर्क मायने नहीं रखते हैं। कई लोग अस्पताल के खिलाफ इस व्हाट्सएप ग्रुप की मददा से कानूनी कार्रवाई करने कि योजना बना रहे हैं।

Next Stories
1 अमरिंदर सिंह ने पंजाब में बनाया नया जिला तो योगी बोले- संविधान के खिलाफ, कांग्रेस की विभाजनकारी नीति
2 इन तस्‍वीरों से खुली संब‍ित पात्रा की कई ‘पोल’, लोग ऐसे ले रहे मजे
3 BJP नेताओं की मौत पर लिखा था फ़ेसबुक पोस्ट, पत्रकार गिरफ़्तार
यह पढ़ा क्या?
X