ताज़ा खबर
 

‘कोरोना खतरे पर मौलाना साद को दी थी सूचना, मगर उन्होंने ध्यान नहीं दिया’ दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया

Covid-19: स्टेटस रिपोर्ट में दावा किया गया कि 21 मार्च को दिल्ली पुलिस ने मर्कज के अधिकारियों से संपर्क किया था। पुलिस ने कहा कि एक मुफ्ती शहजाद को कोविड-19 के बारे में बताया गया था और विदेशियों को उनके संबंधित देशों और भारतीयों को उनके मूल स्थानों पर वापस भेजने के लिए कहा गया था।

Author Translated By Ikram नई दिल्ली | Published on: May 27, 2020 10:43 AM
Maulana Mohd Saadमौलाना मोहम्मद साद।

Covid-19: दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल एक स्टेटस रिपोर्ट में बताया कि मौलाना साद और मरकज प्रबंधन को मौखिक रूप से कई मौकों पर कोविड-19 के खतरे के बार में सूचित किया था, मगर फिर भी उन्होंने जानबूझकर, लापरवाही और द्वेषभाव से वैध निर्देशों का पालन नहीं किया। स्टेटस रिपोर्ट डीसीपी (क्राइम मुख्यालय) जॉय तिर्के द्वारा भेजी गई, जिन्होंने कोर्ट को बताया कि इस मामले में किसी को भी गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया है। अदालत में बताया गया कि 900 से अधिक तबलीगी जमात के सहभागी जांच में शामिल हुए हैं। इसके अलावा 723 विदेशी नागरिकों और 23 नेपाली नागरिकों के पासपोर्ट पुलिस ने कब्जे में ले लिए हैं।

UP, Uttarakhand Coronavirus LIVE Updates

स्टेटस रिपोर्ट में दावा किया गया कि 21 मार्च को दिल्ली पुलिस ने मर्कज के अधिकारियों से संपर्क किया था। पुलिस ने कहा कि एक मुफ्ती शहजाद को कोविड-19 के बारे में बताया गया था और विदेशियों को उनके संबंधित देशों और भारतीयों को उनके मूल स्थानों पर वापस भेजने के लिए कहा गया था। रिपोर्ट कहती है, ‘हालांकि किसी ने भी दिल्ली पुलिस के वैध निर्देशों पर कोई ध्यान नहीं रखा। इसके अलावा मौलाना मोहम्मद साद की कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग में 21 मार्च, 2020 को व्हाट्सएप पर प्रचलन में पाई गई। जिसमें वक्ता को अपने अनुयायियों से लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग की अवहेलना करते हुए मर्कज की धार्मिक सभा में भाग लेने के लिए कहा गया।’

Rajasthan, Gujarat Coronavirus Live Updates

पुलिस ने कोर्ट को बताया कि 24 मार्च को लॉकडाउन के मद्देनजर लाजपत नगर के एसीपी द्वारा निषेधात्मक आदेश जारी किए ताकि इलाके में सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक सभा को प्रतिबंधित किया जा सके। रिपोर्ट में कहा गया कि 24 मार्च को एक एसएचओ की बैठक में मौलाना साद और मर्कज के प्रबंधन ने भी भाग लिया था।

रिपोर्ट कहती है, ‘हालांकि मौलाना साद और मर्कज प्रबंधन ने किसी स्वास्थ्य विभाग और सरकारी एजेंसी को मर्कज में इतनी बड़ी सभा के बारे में सूचना नहीं दी। उन्होंने जानबूझकर, लापरवाही और दुर्भावनापूर्ण तरीके से इस दिशा में वैध निर्देशों की अवहेलना की। मौलाना मोहम्मद साद और मरकज प्रबंधन को भी लिखित नोटिस जारी किए गए। मगर उन्होंने सावधानी नहीं बरती।’ रिपोर्ट के मुताबिक देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों के करीब 1300 लोगों को बिना सोशल डिस्टेंसिंग के परिसर में पाया गया।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 बिहार सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए दिए 809 करोड़, 149 नए केस के साथ कुल 3185 मरीज
2 लॉकडाउन में तीन दिन सिर्फ पानी पीकर जिंदा रहा परिवार, डेढ़ साल की बच्ची रोती रही पूरे रास्ते, ट्रक से लौटे प्रवासी की दर्दनाक दास्तां
3 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के यात्री भूख-प्यास से हलकान: रेलवे ने माना- 44 लाख यात्रियों के लिए दिए केवल 74 लाख फ्री मील्स, देरी पर दी यह सफाई