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जीवन भर की कमाई दान: दस साल पहले खोया था जवान बेटा, कोरोना और तूफान के मारों के दर्द ने झकझोरा

दुर्गापुर शहर के एक शास्त्रीय संगीत प्रशिक्षक भट्टाचार्य ने अपने छोटे बेटे की याद में मुख्यमंत्री के आपातकालीन राहत कोष में लगभग 20 लाख रुपये का दान किया है।

Coronavirusदेश में कोरोना से अब तक करीब 9 हजार मौत हुई हैं। (PTI Photo)

देश को कोरोना वायरस के साथ-साथ चक्रवात अम्फान जैसी प्राकृतिक आपदा से भी गुजरना पड़ा है। ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अम्फान ने भीषण तबाही मचाई। महामारी और अम्फान से हुई तबाही ने 81 वर्षीय मथुरानाथ भट्टाचार्य को अपने बेटे की मौत के दर्द की याद दिला दी। जिसके बाद उन्होंने जीवन भर की कमाई दान करने का फैसला किया है। द टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक दुर्गापुर शहर के एक शास्त्रीय संगीत प्रशिक्षक भट्टाचार्य ने अपने छोटे बेटे की याद में मुख्यमंत्री के आपातकालीन राहत कोष में लगभग 20 लाख रुपये का दान किया है।

दुर्गापुर स्टील प्लांट के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी भट्टाचार्य ने कहा कि चक्रवात की वजह से हुई तबाही और टेलीविजन पर कोरोना के चलते भूखे और रोते हुए लोगों के चेहरे ने उनके दिल को झकझोरा दिया और उन्हें इस लड़ाई में शामिल होने के लिए मजबूर कर दिया। भट्टाचार्य ने कहा “अपने परिजनों को खोने के बाद लोगों के रोते हुए चेहरों ने मुझे उस दिन की याद दिला दी जब मैंने एक दशक पहले अपने छोटे बेटे को खो दिया था। मैं दर्द को समझ सकता हूं और मैं इसके साथ रह रहा हूं।”

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बंगाली संगीत परिषद, चंडीगढ़ के प्राची कला केंद्र और नाजरुल गीति से शास्त्रीय संगीत में डबल पोस्ट-ग्रेजुएशन करने वाले 81 वर्षीय मथुरानाथ ने समय से पहले बैंक से अपनी एक फिक्स डिपॉजिट को तोड़ दिया और मुख्यमंत्री के आपातकालीन राहत कोष में दान दे दिया। भट्टाचार्य ने अपने छोटे बेटे, रुद्रजीत भट्टाचार्य की याद में धनराशि दान की है। रुद्रजीत एक शास्त्रीय गायक थे, उनकी मौत 35 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से हो गई थी।

भट्टाचार्य ने शनिवार को डिप्टी मेयर अनीता मुखर्जी को चेक सौंपने के बाद कहा “मैं एक दशक पहले अपने छोटे बेटे की मृत्यु के बाद से ज्यादातर अकेला रह रहा हूं। मैंने अपनी पत्नी को पहले ही खो दिया था। मेरा बड़ा बेटा सुशील कहीं और रहता है। मुझे इस उम्र में जीवित रहने के लिए बहुत अधिक धन की आवश्यकता नहीं है और रुद्रजीत की याद में मैंने जो कुछ भी बचाया था उसे दान करने का फैसला किया है।”

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