Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की एक अदालत ने जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय परिसर के अंदर स्थित एक कथित रूप से अवैध मस्जिद को ध्वस्त करने का आदेश दिया है और उस पर कब्जा करने वालों पर 6 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया है।

कोर्ट ने यह आदेश बजरंग दल के पूर्व क्षेत्रीय समन्वयक विकास त्यागी की शिकायत पर आया है। विकास त्यागी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि मस्जिद को परिसर के अंदर अवैध तरीके से बनाया गया था। यह संवेदशनील और प्रशासनिक कामों के लिए एक हाई सिक्योरिटी वाला एरिया है।

इसके अलावा, परिसर का इस्तेमाल धार्मिक गतिविधियों के अलावा व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए भी किया जा रहा था। वहां एक पोस्ट ऑफिस चल रहा था और कई कमरे बाहरी लोगों को किराये पर दिए गए थे। इसका हर महीने किराया मस्जिद समिति वसूल रही थी।

कलेक्ट्रेट परिसर में बनी थी अवैध मस्जिद

बजरंग दल के पूर्व क्षेत्रीय समन्वयक विकास त्यागी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “कलेक्ट्रेट परिसर में एक अवैध मस्जिद बनाई गई थी, जो गोपनीय सरकारी कामकाज की जगह है। इस मस्जिद के अंदर एक पोस्ट ऑफिस चल रहा था और पांच-छह कमरे बाहरी लोगों को किराये पर दिए गए थे। मस्जिद खुद पोस्ट ऑफिस का किराया वसूल रही थी।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने जनवरी 2025 में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से मुलाकात की और इस बारे में शिकायत की। इसके बाद जांच हुई और आरोप सही पाए गए। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने आज इसे गिराने का आदेश जारी किया है। प्रशासन से मेरी मांग है कि जुर्माना बढ़ाकर लगभग 10-12 करोड़ रुपये किया जाए और प्रशासन को मस्जिद गिराने के अदालत के आदेश पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”

कुशीनगर में मदनी मस्जिद के एक हिस्से को गिराया गया था

यह घटनाक्रम उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कथित तौर पर अवैध ढांचों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की बीच हुआ है। पिछले साल फरवरी में, अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में मदनी मस्जिद के एक हिस्से को गिरा दिया था, यह आरोप लगाते हुए कि इसे कब्जा की गई जमीन पर बनाया गया था।

हालांकि, मस्जिद के देखभाल करने वाले का कहना था कि मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने मस्जिद के निर्माण के लिए लगभग एक साल पहले जमीन खरीदी थी और किसी भी तरह के कब्जे से इनकार किया। मस्जिद समिति ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और 8 फरवरी तक गिराने की कार्रवाई पर रोक लगवा ली थी।

9 फरवरी को रोक की अवधि समाप्त होने के बाद, अधिकारियों ने गिराने की कार्रवाई फिर से शुरू कर दी। इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट ने कुशीनगर में मदनी मस्जिद के एक हिस्से को गिराए जाने को चुनौती देने वाली अवमानना ​​याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों को नोटिस जारी किया। याचिका में आरोप लगाया गया कि यह तोड़-फोड़ सुप्रीम कोर्ट के 13 नवंबर, 2024 के आदेश का उल्लंघन करके की गई।

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को सहारनपुर में थे। यहां उन्होंने सुहाने मौसम और बूंदाबांदी के बीच करीब तीस मिनट तक कार्यक्रम में आए लोगों को संबोधित किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार अयोध्या के राम मंदिर दान की लूट में शामिल किसी भी अपराधी को नहीं छोड़ेगी। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…