Kanpur Lamborghini Car Accident News: लैंबॉर्गिनी कार दुर्घटना मामले में अदालत ने आरोपी शिवम मिश्रा को जमानत दे दी है। शिवम मिश्रा को 20,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी गई है। स्थानीय तंबाकू कारोबारी के. के. मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को पुलिस ने बृहस्पतिवार को ही गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के पांच घंटे के भीतर ही शिवम को जमानत मिल गई।
कानपुर में वीआईपी रोड इलाके में 8 फरवरी को लैंबॉर्गिनी कार ने छह लोगों को टक्कर मार दी थी। कार को शिवम चला रहा था।
आरोपी के वकील ने क्या कहा?
आरोपी शिवम मिश्रा के वकील नरेश चंद्र त्रिपाठी ने कहा, “…अदालत ने रिमांड से इनकार कर दिया है। उन्हें (शिवम मिश्रा को) 20,000 रुपये के वचन पत्र और 20,000 रुपये के निजी मुचलके पर रिहा किया जा रहा है। पुलिस सरकार के दबाव में काम कर रही थी… पुलिस ने उन्हें (शिवम मिश्रा को) गलत तरीके से गिरफ्तार किया था।”
वाहन चालक का दावा खारिज
शिवम मिश्रा की गिरफ्तारी से एक दिन पहले मोहन नामक वाहन चालक ने दावा किया था कि घटना के समय गाड़ी वह चला रहा था और उसने स्थानीय अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। अदालत ने उसकी आत्मसमर्पण याचिका को खारिज कर दिया था क्योंकि पुलिस ने अपने इस रुख को बरकरार रखा कि उसके पास यह साबित करने के लिए सबूत हैं कि वाहन शिवम चला रहा था।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया था।
कौन है शिवम मिश्रा, कानपुर की सड़क पर लैंबॉर्गिनी कार से मचाया तांडव
कानपुर के डीसीपी ने बताया था कि शिवम जांच में सहयोग नहीं कर रहा था और पूछताछ के लिए पुलिस के सामने पेश नहीं हो रहा था इसलिए उसे ढूंढने और गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की पांच टीम गठित की गई थीं।
क्या थी यह पूरी घटना?
रविवार को दोपहर करीब तीन बजे पॉश ग्वाल्टोली इलाके में 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाली लग्जरी स्पोर्ट्स कार लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो ने पैदल यात्रियों और वाहनों को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में घायल हुए लोगों में शामिल ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक (18) ने बाद में इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। हालांकि, शिवम के वकील ने दावा किया था कि तौफीक का आरोपी पक्ष से समझौता हो गया है और अब वह इस मामले में चालक के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहता।
इस मामले में बुधवार को उस समय नया मोड़ आया जब मोहन ने दावा किया कि दुर्घटना के समय वाहन वही चला रहा था, न कि शिवम मिश्रा। हालांकि, पुलिस ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों से साबित होता है कि जब यह हादसा हुआ, उस समय कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था।
सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों से मिली जानकारी के आधार पर की गई पुलिस की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि वाहन की स्पीड तेज थी। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में निजी सुरक्षाकर्मी दुर्घटना के तुरंत बाद चालक की सीट से शिवम को खींचते और फिर उसे एक अन्य एसयूवी में बैठाकर घटनास्थल से ले जाते दिखाई दिए थे।
