कोरोना ने छीन लिया मां का प्यार, 10 दिन की मासूम को दूध पिलाने आगे आईं 60 महिलाएं

लोगों में मदद की इस भावना का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घंटेभर में ही बच्ची के परिजनों के पास 30 माओं के फोन आ गए।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र भोपाल | Updated: April 21, 2021 9:32 AM
Baby Girl, Representational Photoनवजात की मदद के लिए आगे आईं शहर की 60 महिलाएं। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कोरोनावायरस महामारी के प्रकोप के चलते लोगों के अपनों से बिछड़ने का दर्दभरा सिलसिला जारी है। संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों के साथ बीमारी से ग्रसित लोगों को है। साथ ही गर्भवती महिलाओं को भी कोरोना से खतरे की श्रेणी में रखा गया है। हालांकि, अस्पताल में डिलीवरी के लिए जाने वाली महिलाओं को इस दौर में बड़ी दिक्कतें आ रही हैं। मध्य प्रदेश के भोपाल में तो नवजात के जन्म के बाद महिला की कोरोना से मौत तक का मामला सामने आया है। ऐसे में प्रीमैच्योर जन्मी बच्ची के पास मां न होने की वजह से उसे मां का दूध मिलने तक का संकट आ गया। हालांकि, इस मुश्किल घड़ी में 10 दिन की बच्ची को दूध देने के लिए 60 से ज्यादा महिलाओं ने आगे आकर मिसाल बनाई।

क्या था पूरा मामला?: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रहने वाली महिला को साढ़े सात महीने का गर्भ था। इसी बीच पांच अप्रैल को वे कोरोना पॉजिटिव हो गईं। परिजनों ने महिला को 9 अप्रैल को चिरायु अस्पताल में भर्ती कराया। 11 अप्रैल को सिजेरियन डिलीवरी हुई और महिला ने बेटी को जन्म दिया। हालांकि, 15 अप्रैल को ही इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डिलीवरी प्री-मैच्योर होने से बच्ची का इलाज जारी था। लेकिन हफ्तेभर से पाउडर वाला दूध पी रही बच्ची के स्वास्थ्य को ठीक करने के लिए डॉक्टरों ने मां के दूध की जरूरत बता दी।

इसके चलते परिजनों के सामने बच्ची को मां का दूध देने का संकट पैदा हो गया। परिवारवालों ने बच्ची को बचाने के लिए सोशल मीडिया का रुख किया और मां के दूध की जरूरत वाला एक मैसेज जारी कर दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि सोशल मीडिया पर डालते ही यह मैसेज वायरल हो गया और परिजनों के मोबाइल नंबर पर कॉल आने का सिलसिला शुरू हो गया। बड़ी संख्या में लोगों ने बच्ची के लिए मां का दूध पहुंचाने की पेशकश की।

परिजनों को मिले ढेरों मैसेज, खुद बताया- बच्ची को मिला पर्याप्त दूध: लोगों में मदद की इस भावना का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घंटेभर में ही बच्ची के परिजनों के पास 30 और शाम तक 60 से ज्यादा माताओं ने कॉल करके अपना दूध देने की इच्छा जाहिर की। बाद में शहरवासियों के इस हौसले को देखते हुए परिजनों को दोपहर में ही दूसरा संदेश जारी करके यह बताना पड़ा कि उन्हें बच्ची के लिए पर्याप्त मात्रा में मां का दूध मिल गया है।

बच्ची को सुरक्षित रखने के लिए मांओं ने की अपने पास रखने की पेशकश: बच्ची के पिता के मुताबिक, शहर की महिलाओं ने बच्ची के लिए दूध भिजवाने के साथ उसे कोरोना से बचाते हुए जरूरत पड़ने तक अपने साथ रखने की भी पेशकश कर दी। नवजात के पिता का कहना है कि इस घटना के बाद उन्होंने माताओं का शुक्रिया जाहिर किया और उन्हें बताया कि बच्ची को एक वक्त में 8-10 एमएल दूध की ही जरूरत है। ऐसे में माताएं उतना ही दूध दें, ताकि किसी मां का अनमोल दूध व्यर्थ न जाए।

Next Stories
1 कोरोना से बचाने को लाठी लेकर सड़क पर उतर पड़ीं प्रेग्नेंट डीएसपी, लोगों ने दिए ऐसे रिएक्शन
2 कोरोना से मौत, अपनों ने किया इनकार तो दो मुस्लिम भाइयों ने किया अंतिम संस्कार
3 डॉ. कफील पर लगा था NSA, मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिख कहा- देश की सेवा करने का मौका दें, बाद में फिर कर दीजिएगा निलंबित
यह पढ़ा क्या?
X