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COVID-19: बोले CM योगी- बिना इलाज दूसरे राज्यों में लोग मर रहे होंगे, UP में सब कंट्रोल में है, मीडिया डर के बजाय सकारात्मकता फैलाए

उधर, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को आरोप लगाया कि कोरोना प्रबंधन में भारी नाकामी और पंचायत चुनाव में पिछड़ने से ‘बिलबिलाई’ भाजपा जनता से बदला लेने पर उतारू हो गयी है।

Edited By अभिषेक गुप्ता लखनऊ/नोएडा | Updated: May 17, 2021 8:38 AM
दिल्ली से सटे यूपी के गौतमबुद्ध नगर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि प्रदेश सरकार ने इस महामारी की तीसरी लहर से निपटने के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। (फाइल फोटोः PTI)

कोरोना संकट के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि हो सकता है कि दूसरे राज्यों में लोग बिना इलाज के ही मर रहे हों, पर यूपी में स्थिति काबू में है।

गौतमबुद्ध नगर पहुंचे सीएम ने रविवार को पत्रकारों से कहा, “हम कुछ भी छिपा नहीं रहे। हर चीज पारदर्शी है…टेस्टिंग, रिकवरी और मौतों से जुड़ा हर डिटेल सरकार के कोविड पोर्टल पर उपलब्ध है। यूपी की आबादी को लेकर चिंता जताई गई थी कि चीजें हाथ के बाहर हो जाएंगी, पर स्थिति अभी कंट्रोल से बाहर नहीं गई है।” उनके मुताबिक, प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में कमी आई है और सरकार ने इस महामारी की तीसरी लहर से निपटने के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। वह ‘ब्लैक फंगस’ को लेकर भी काफी गंभीर है और इसके इलाज के लिए एक खास योजना बना ली गई है।

प्रदेश के कई हिस्सों में गंगा में बहती लाशों और रेती वाले इलाकों में उन्हें दफनाए जाने के मसले पर उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में लोग भीड़-भाड़ के बीच श्मशानों या कब्रिस्तानों में जाने से बचना चाहते थे, इसलिए उन्होंने वैसा (नदी में बहा दिए या किनारे दफ्न कर दिए शव) किया।

Prayagraj, Coronavirus, UP प्रयागराज (पहले इलाहाबाद) में 16 मई, 2021 को गंगा नदी के किनारे फफमऊ घाट के नजदीक शव दफनाने के बाद लौटते परिजन और अन्य लोग। (फोटोः पीटीआई)

सीएम के अनुसार, “हमने हर नदी पर स्टेट डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स और प्रोविंशियल आर्म्ड कॉन्सट्यूबलरी के कर्मचारियों को तैनात किया है। साथ ही पंचायतों और स्थानीय शहरी निगमों को भी इस बारे में अलर्ट कर दिया है, ताकि वे सुनिश्चित कराएं कि एक भी लाश नदियों में न बहाई जाए।” कोरोना के बीच राज्य में मरीजों को उचित इलाज न मिलने के आरोप को खारिज करते हुए वह आगे बोले- हो सकता है कि ऐसे कुछ अपवाद हों, पर यूपी में इस तरह की स्थिति नहीं है। ऐसे हालात कुछ अन्य राज्यों में हो सकते हैं।

यूपी सीएम ने इसके अलावा सुझाव दिया कि महामारी के इस दौर में मीडिया को डर के बजाय सकारात्मकता फैलानी चाहिए। बकौल योगी, “हम जिस तरह से ऑक्सीजन और रेमडेसिविर को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर करते हैं, उस तरह से लोगों के दिमाग में पैनिक (हैरानी-परेशानी) पैदा होता है। ऐसे वक्त में हमें लोगों की बहादुर बनने और मजबूत इच्छाशक्ति बनाने में मदद करनी चाहिए। हम महामारी से लड़ रहे हैं, न कि किसी सामान्य बीमारी से और यह सिर्फ भारत में नहीं है। अमेरिका और यूरोप का स्वास्थ्य तंत्र तो भारत से भी बेहतर है, पर क्या अमेरिका इतनी सारी मौतों को रोक पाया?”

महामारी की संभावित तीसरी लहर पर उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं को इस संक्रमण से ज्यादा खतरा बताया जा रहा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी जिलों में महिलाओं तथा बच्चों के लिए समर्पित अस्पताल तैयार किए जा रहे हैं। 102 नम्बर की 2200 एम्बुलेंस को महिलाओं व बच्चों के उपचार के लिए समर्पित किया गया है। गांवों में फैलते संक्रमण पर वह बोले- ग्रामीण इलाकों में जांच प्रक्रिया तेज की गई है और गांव गांव में कोविड-19 जांच शिविर लगाए जा रहे हैं।

सीएम का दावा है कि प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमण मुक्त होने की दर लगातार बढ़ रही है तथा संक्रमण दर में निरंतर गिरावट दर्ज हो रही है जो अप्रैल में 16.33 प्रतिशत से घटकर अब 4.8 फीसदी पर आ गई है। आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश कोरोना वायरस की सर्वाधिक जांच करने वाला राज्य बन गया है जहां प्रतिदिन औसतन 2.5 लाख नमूनों की जांच की जा रही है। प्रदेश में अब तक तीन करोड़ लोगों को कोविड रोधी टीका मुफ्त लगाया जा चुका है।

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