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बिहार में कोरोना की तेज रफ्तार, 51 दिनों में 9 हजार पार हुआ कोविड-19 संक्रमितों का आंकड़ा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सूबे में कोरोना जांच 15 हजार तक करने को कहा है। उन्होंने सोमवार को कोरोना संक्रमण की समीक्षा बैठक के दौरान वहां मौजूद अधिकारियों को हिदायत दी है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

बिहार में कोरोना संक्रमण की रफ्तार और तेज हुई है। इसको आंकड़ों से भी समझा जा सकता है। 22 मार्च से 10 मई पचास दिन के दौरान सूबे में जहां 707 मरीज थे। वहीं अगले 51 दिनों में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 9745 हो गया। मसलन 11 मई से 30 जून तक 9038 लोग संक्रमण की चपेट में आए। यह आंकड़ा मंगलवार 30 जून को स्वास्थ्य महकमे के पहले अपडेट में आए 127 मरीज मिलाकर है।

वहीं 24 मई तक 63 दिनों में राज्य में नौ मौतें हुई है। इसके बाद केवल 36 दिनों में 54 मौतें संक्रमित मरीजों की हो चुकी है। अभी मौतों का कुल आंकड़ा 63 है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे बताते है कि मरीजों की जांच का काम तेजी से चल रहा है। अबतक दो लाख 13 हजार से ज्यादा लोगों की जांच की जा चुकी है। सात हजार जांच रोजाना हो रही है। हरेक ज़िले में जांच का काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सूबे में कोरोना जांच 15 हजार तक करने को कहा है। उन्होंने सोमवार को कोरोना संक्रमण की समीक्षा बैठक के दौरान वहां मौजूद अधिकारियों को हिदायत दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि ज़िलों में पृथक शिविर (आइसोलेशन सेंटर) बनाने में स्कुलों का उपयोग न करें। कोरोना के समर्पित अस्पतालों में और बिस्तर बढाया जाए। सरकारी भवन जो कार्यरत है, वहां इंतजाम किया जाए।

स्वास्थ्य महकमा के जारी रोगियों के स्वस्थ होने के आंकड़े सुकून देने वाले है। सोमवार तक 7374 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर चले गए है। मसलन 77 फीसदी लोग ठीक हुए है। मंगलवार के पहले अपडेट को मिलाकर राज्य में 2196 मरीज अभी भी इलाजरत है।

यों राज्य का कोई ज़िला संक्रमण से अछूता नहीं है। सभी 38 ज़िले संक्रमित है। मगर बिहार का पटना 690 मरीजों के साथ अव्वल है। दूसरे स्थान भागलपुर का है। यहां संक्रमितों की संख्या 489 है। तीसरा 453 मरीजों के साथ मधुबनी है। चौथे पर सिवान 411 और बेगूसराय 408 के साथ पांचवें स्थान पर है। भागलपुर के नवगछिया का आदर्श थाना के 14 पुलिसकर्मी व अधिकारी की रिपोर्ट सकारात्मक आई है। एसपी निधि रानी के मुताबिक थाने को सील कर दिया गया है। इसका काम दूसरे जगह से होगा। संक्रमित सभी पुलिसकर्मियों को पृथक कर इलाज कराया जा रहा है।

इधर श्रमिक ट्रेनों के आने का सिलसिला थमा है। भागलपुर में 70 हजार से ज्यादा श्रमिक दूसरे राज्यों से अपने घर लौटे है। 15 जून से प्रखंडों में बने एकांतवास शिविर सरकार ने बंद कर दिए है। इसके बाद आए श्रमिकों को घर पर ही एकांतवास कराया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक वेंटिलेटर, आक्सीजन गैस सिलिंडर जैसे उपचार के जरूरी चीजों की कमी नहीं है। मगर कोरोना की श्रृंखला नहीं टूट रही। यही चिंता का विषय है। बल्कि महामारी ने रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार को एक दिन में 394 मरीज की रिपोर्ट सकारात्मक आई है।

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