सरकार के खिलाफ बोला, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का रोना रोया तो भेज देंगे 6 महीने जेल, J&K के डॉक्टरों को थमाया अल्टीमेटम

जम्मू और कश्मीर के डॉक्टरों को यह कहकर डराया जा रहा है कि अगर आप प्रशासन के खिलाफ बोलते हैं तो आपको छह महीने केआर लियर जेल भेज दिया जाएगा।

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corona पीड़ितों का इलाज करते डॉक्टर। (file)

कोरोना का कहर पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है। भारत में भी इसका संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसके प्रकोप से बचने ले लिए देश को 21 दिनों के लिए लॉकडाउन कर दुया गया है। लेकिन इस दौरान डॉक्टर लगातार निस्वार्थ काम कर रहे हैं और इस खतरनाक महामारी से लोगों की जान बचा रहे हैं। देश के लोग डॉक्टरों का हौसला बढ़ाने के लिए अपने अपने घरों में दिये और मोमबत्तियां जला रहे हैं। वहीं एक तरफ प्रशासन द्वारा इन डॉक्टरों को धमकी दी जा रही है कि अगर आप प्रशासन के खिलाफ बोलेंगे तो आप को जेल में डाल दिया जाएगा।

जम्मू और कश्मीर के डॉक्टरों को यह कहकर डराया जा रहा है कि अगर आप प्रशासन के खिलाफ बोलते हैं। या स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का रोना रोया तो आपको छह महीने केआर लियर जेल भेज दिया जाएगा। द वायर की एक रिपोर्ट के मुताबिक कश्मीर में स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशालय ने घाटी में प्रशासन के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने वाले चिकित्साकर्मियों की आवाज़ दबाने के लिए 1 अप्रैल को एक सर्कुलर जारी धमकी दी है। प्रशासन ने सरकारी कर्मचारियों को धमकी देते हुए कहा है कि कोरोना के खिलाफ के प्रयासों की आलोचना अगर वे सोशल मीडिया या प्रेस से करते हैं तो उन्हें छह महीने के लिए जेल भेज दिया जाएगा।

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पत्र में कहा गया है कि यह देखा गया है कि कुछ सरकारी कर्मचारी कोरोना वायरस से निपटने के लिए प्रशासन के प्रयासों की सार्वजनिक रूप से आलोचना कर रहे हैं, जो सेवा आचरण नियमों के खिलाफ है। ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की जाएगी जो मीडिया की रिपोर्टिंग के लिए इस तरह का बयान देते हैं। महामारी रोग अधिनियम, 1897 के तहत किए गए किसी भी विनियमन या आदेश की अवहेलना करने वाले किसी भी व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता [आईपीसी] (1860 का 45) की धारा 188 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा।

इस अधिनियम के अधीन बनाए गए किसी भी आदेश की अवज्ञा करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 का मुकदमा दर्ज होगा। जिसके तहत आरोपी को छह महीने तक की कैद, या एक हजार रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।

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