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कोरोना कालः दिल्ली में संपत्तियों की खरीद-बिक्री में जबरदस्त गिरावट

पूर्णबंदी के बीच दिल्ली सरकार ने मई में शुरू की रजिस्ट्री। सरकार की आय का मुख्य स्रोत है जमीन की खरीद बिक्री से मिलने वाला राजस्व।

Author Published on: May 22, 2020 3:39 AM
फरवरी के आखिरी दिनों में हुए दंगों की वजह से भी राजस्व के इस स्रोत का सरकार को नुकसान उठाना पड़ा था।

पंकज रोहिला

पूर्णबंदी में ढील के बाद दिल्ली में जमीन-मकान और अन्य संपत्तियों की खरीद बिक्री में जबरदस्त गिरावट आई है। इससे दिल्ली सरकार के राजस्व के मुख्य स्रोतों में से एक रजिस्ट्री शुल्क से होने वाली कमाई को भी काफी नुकसान हुआ है। हालांकि 15 दिन पहले ही दिल्ली सरकार ने आॅनलाइन रजिस्ट्री शुरू की है। इस दौरान सरकार को इस मद से करीब 30 करोड़ रुपए की आय हुई। वहीं मार्च महीने में दिल्ली सरकार ने मकान, दुकान, जमीन व अन्य संपत्तियों के रजिस्ट्री से 350 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त किया था।

पूरे मई महीने में रजिस्ट्री का औसत आंकड़ा बीते 15 दिन की तरह भी रहता है तो सरकार के आय पर विशेष फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि पूर्णबंदी के बाद बिगड़ी अर्थव्यवस्था को जमीन की खरीद बिक्री कारोबार ने फौरी राहत जरूर दी है। घर, दुकान, मकान व जमीन की रजिस्ट्री खोलने के फैसले के बाद 15 दिन में सरकार के लिए राजस्व के रास्ते खुले हैं। फैसले के बाद से प्रतिदिन औसतन 500 से 550 रजिस्ट्री हो रही है।

अधिकारी बताते हैं कि पूर्णबंदी की वजह से लोग रजिस्ट्री के लिए नहीं पहुंच रहे थे। लेकिन जब से लोगों को आॅनलाइन रजिस्ट्री की जानकारी हुई है, प्रतिदिन लोग इसे करा रहे हैं। चालू महीने के पहले पखवाड़े में अधिकतम 550 रजिस्ट्री कराई गई है। जानकारी बढ़ने के साथ सामान्य कार्य शुरू होगा। दिल्ली के सभी 22 सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में आॅनलाइन रजिस्ट्री की यह सुविधा उपलब्ध है। राजस्व विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सामान्य दिनों में औसतन डेढ़ से दो हजार रजिस्ट्री होती थीं। इनकी संख्या त्योहारों के समय बढ़ जाती है।

दंगों में भी हुआ था नुकसान: दिल्ली में स्टाम्प ड्यूटी राजस्व का अहम हिस्सा है। फरवरी के आखिरी दिनों में हुए दंगों की वजह से भी राजस्व के इस स्रोत का सरकार को नुकसान उठाना पड़ा था। अंत तक सरकारी खजाने को केवल 4303 करोड़ रुपए का राजस्व मिला था जो बीते वर्ष की तुलना में केवल छह फीसद ही अधिक था जबकि सरकार को 10 फीसद तक आय होने का अनुमान था।

स्टाम्प शुल्क का आकलनः राजस्व संबंधित कार्य के लिए दिल्ली सरकार व्यवस्था उपलब्ध कराती है। इसके तहत कोई भी नागरिक दिल्ली सरकार की वेबसाइट पर जाकर संपत्ति से संबंधित सभी काम निपटा सकता है। इस वेबसाइट पर विभाग ने एक विशेष गणक व भूलेख की सुविधा भी दी है। इसके सहारे किसी संपत्ति का स्टाम्प आकलन और संपत्ति की अन्य जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

 

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