श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों से गूगल फॉर्म में निजी सवाल पूछे जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कई राजनेता इन सवालों पर आपत्ति जता रहे हैं। इन खबरों को लेकर अब उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि यहां सीईओ की कोई जरूरत नहीं है।
खबरों के मुताबिक, इंटरव्यू के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट ने CEO पद के लिए आए उम्मीदवारों से शराब और मांस के सेवन और जनेऊ पहनने के बारे में सवाल पूछे गए हैं। बता दें कि 11 अगस्त से ही ट्रस्ट के CEO पद के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया चल रही है। 5,200 से अधिक आवेदनों में से 18 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है।
चोरी को कोई दूसरा स्वरूप देना चाह रहे हैं- कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने राम मंदिर सीईओ से जुड़े मामले को लेकर न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, “हर कोई सम्मान करता है, हर किसी के मन में देश के प्रति भाव है। भगवान के गर्भगृह की देखरेख के लिए किसी CEO को नहीं, बल्कि किसी धार्मिक व्यक्ति, संत या ऋषि को नियुक्त किया जाना चाहिए। यहाँ मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का क्या काम है? क्या जो चोरी हो रही उसे ये (सरकार) अपने हिसाब से कराना चाह रहे हैं या उसे कोई दूसरा स्वरूप देना चाह रहे हैं या मंदिर को कमाई का जरिया बनाना चाहते हैं इसलिए सीईओ बिठाना चाह रहे हैं। यहां पर धर्माचार्य को बिठाना चाहिए आस्था से जुड़े मामलों को संभालने के लिए किसी धार्मिक नेता या सच्चे आस्तिक व्यक्ति को नियुक्त किया जाना चाहिए।”
आगे उन्होंने कहा, “धर्माचार्य यहां पहले ही होता तो ऐसा बवाल नहीं होता, वह आस्थावान होता, वह गेरुआ वस्त्र पहनता वह योगी की तरह गेरुआ वस्त्र पहनकर झूठ नहीं बोलता बाकि जो लोग हैं वह सम्मानित हैं, वह पारंगत हैं अपने काम में। उन्हें वहां बैठाना चाहिए सीईओ बिठाकर ये लोग अयोध्या नगरी को अपवित्र करना चाह रहे। आगे एक सवाल पर यह भी कहा कि यह पूरी तरह से दिखावा हो रहा, इस पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई होनी चाहिए, इसमें नृपेंद्र मिश्रा की गिरफ्तारी हो, इस पर चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोविंद देव गिरी और गोपाल राव की गिरफ्तारी हो, ये सब चोर हैं, भगवान राम का पैसा लूट कर ये लोग ले गए और ड्राइवर की गिरफ्तारी हो रही, पैसा गिनने वालों की गिरफ्तारी हो रही, लेकिन पैसा गिनवाने वालों की गिरफ्तारी कब होगी ये हम सब जानना चाहते हैं।”
ऐसी घटना संविधान की प्रस्तावना के खिलाफ- सपा सांसद
इंटरव्यू में पूछे गए सवालों पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी कहा, “इस तरह की घटना संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों और हमारे संविधान की प्रस्तावना के खिलाफ है। ऐसे सवाल उठाए जा रहे हैं जो देश की एकता और अखंडता के ताने-बाने को कमजोर करते हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम राम की गरिमा भी इसी सम्मान से जुड़ी है, और भारतीय जनता पार्टी लगातार उस गरिमा को कम करने का काम कर रही है।”
कब होगी सीईओ के नाम की घोषणा?
हालांकि उम्मीदवारों का इंटरव्यू उनके अनुभव, धार्मिक कार्यों, भगवान राम में आस्था और पारिवारिक बैकग्राउंड के आधार पर किया जा रहा है। तीन नामों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा, जिनमें से ट्रस्ट अपनी बैठक में किसी एक नाम पर मुहर लगाएगा और उन्हें CEO चुनेगा। ट्रस्ट की यह बैठक 2 सितंबर को अयोध्या में होगी और CEO के नाम की घोषणा 3 सितंबर को की जाएगी। इस इंटरव्यू के लिए बिहार के DIG प्रवेश सक्सेना भी अयोध्या पहुँचे हैं।
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उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पद के लिए मंगलवार को 18 में से आठ उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया गया। सबसे दिलचस्प पहले दिन के साक्षात्कार के सवाल रहे। 40 से 50 मिनट तक चले इन साक्षात्कार में आवेदकों से पूछा गया कि क्या आपकी भगवान राम में आस्था है? पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
