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आंध्र प्रदेशः अपनी ही कंपनी से सरकारी खरीद करवा रहे सीएम जगनमोहन रेड्डी, पत्नी हैं डायरेक्टर, मिला बड़ा ऑर्डर

आंध्र प्रदेश के उद्योग मंत्री एम गौतम रेड्डी के मुताबिक भारती सीमेंट और इंडिया सीमेंट्स को ज्यादातर ऑर्डर दिए गए, क्योंकि यह कंपनियां ही सरकार की समयावधि के हिसाब से सप्लाई करने के काबिल थीं

YS Jagan Mohan Reddy, Andhra Pradeshआंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी लगातार अपनी सरकार के फैसलों को लेकर विवाद में घिरते नजर आ रहे हैं। हाल ही में उच्च न्यायालय की तरफ से अमरावती भूमि सौदों से संबंधित भेदिया कारोबार के एक आपराधिक मामले की कार्यवाहियों को खारिज कर दिया गया। जगन ने टीडीपी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इस कार्यवाही के आदेश दिए थे। इसके बाद अब जगन पर ही पद पर रहते हुए सरकारी निर्णय से व्यक्तिगत फायदे लेने के आरोप लगने लगे हैं। दरअसल, पिछले 10 महीनों में जगन के परिवार की एक सीमेंट कंपनी को ही सरकार के ज्यादातर खरीद के ऑर्डर मिल रहे हैं। इसे लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो गई है।

क्या है मामला?: जगनमोहन रेड्डी का परिवार एक सीमेंट कंपनी- भारतीय सीमेंट कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड में 49 फीसदी हिस्सेदारी रखता है। जगन की पत्नी इस फर्म की डायरेक्टर भी हैं। अप्रैल 2020 से लेकर 18 जनवरी 2021 तक इस फर्म से सरकार की कुल सीमेंट खरीद का 14 फीसदी या 2,28,370.14 मीट्रिक टन लिया जा चुका है। बताया गया है कि भारती सीमेंट में 51 फीसदी हिस्सा वाइकैट (Vicat) नाम की एक फ्रेंच कंपनी का है।

जानकारी के मुताबिक, द इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड को भारती सीमेंट्स के बाद सबसे बड़ा- करीब 1,59,753 मीट्रिक टन सीमेंट खरीदी का ऑर्डर मिला। लेकिन जगन की फर्म के मुकाबले यह इंडिया सीमेंट्स को मिला ऑर्डर 30 फीसदी कम था। बता दें कि इंडिया सीमेंट्स का भारती सीमेंट्स में 95.32 करोड़ का निवेश है और उसने भारती को तभी बेचा था, जब वाइकैट ने इसका 51 फीसदी अधिग्रहण कर लिया था।

द इंडिया सीमेंट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर एन श्रीनिवासन उन लोगों में शामिल हैं, जिनका नाम सीबीआई ने वाईएस जगनमोहन रेड्डी और अन्य के खिलाफ केस में भी जोड़ा है। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि वाईएस राजशेखर रेड्डी सरकार ने कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाया था और सालों पहले इन्हें कम दाम में जमीन अलॉट की थी। इसके अलावा उन्होंने कुछ कानूनों को नजरअंदाज कर खदान की लीज दी थीं और कुछ कंपनियों को नदी का ज्यादा पानी देने जैसे आदेश भी दिए। इसके बदले इन कंपनियों ने जगन रेड्डी की फर्म में निवेश किया।

जब इस बारे में आंध्र प्रदेश के उद्योग मंत्री एम गौतम रेड्डी से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि भारती सीमेंट और इंडिया सीमेंट्स को ज्यादातर ऑर्डर दिए गए, क्योंकि यह कंपनियां ही सरकार की समयावधि के हिसाब से सप्लाई करने के काबिल थीं। कुछ उत्पादकों को सप्लाई चेन बनाए रखने में समस्या आ रही थी और सरकार के लिए निर्माण कार्य जरूरी रखना चुनौतीपूर्ण है। यह ऑर्डर जरूरत के हिसाब से ही दिए गए थे।

वाईएसआर कांग्रेस से पिछले चुनाव में हारने वाली तेलुगुदेशम पार्टी ने आरोप लगाया है कि भारती सीमेंट के नेतृत्व में अन्य सीमेंट कंपनियों ने एक सिंडिकेट बना लिया है और पिछले कुछ महीनों में 50 किलो की सीमेंट की बोरी के दाम 220-250 से बढ़ाकर 350-400 रुपए तक कर दिए हैं। यह सिर्फ भारती सीमेंट को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है, जिसमें जगन के परिवार का 49 फीसदी शेयर है।

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