नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई और ऐनी फ्रैंक की किताबों के रीडिंग सेशन के दौरान गुरुवार को अहमदाबाद में हंगामा हो गया। आरोप है कि बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि बृहस्पतिवार शाम को AUDA गार्डन में हुई इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

वस्त्रपुर थाने की पुलिस निरीक्षक जी. एम. चौधरी ने बताया कि करीब 20 लोग किताबों के रीडिंग सेशन के लिए जुटे थे, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। इसी दौरान 18 से 20 लोगों के एक समूह ने उन्हें घेर लिया।

समूह में शामिल लोगों ने खुद को बजरंग दल और विहिप से जुड़ा बताया और किताबों के चयन को लेकर आपत्ति जताई।

पुलिस निरीक्षक ने बताया कि रीडिंग सेशन समाप्त होने के बाद जब लोग बाहर निकल रहे थे, तभी करीब 18 से 20 लोग वहां पहुंचे और गुस्से में सवाल किया कि उन्होंने यूसुफजई की पुस्तक ‘I Am Malala’ के कुछ हिस्सों को क्यों पढ़ा? इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और मारपीट शुरू हो गई, जिसमें दो लोग घायल हो गए। हमलावरों के पास डंडे थे।

एफआईआर दर्ज, तीन लोग गिरफ्तार

पुलिस ने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और तीन को गिरफ्तार किया जा चुका है।’ Student and Youth Collective नाम के संगठन ने इस रीडिंग सेशन का आयोजन किया था।

संगठन के बयान के अनुसार, करीब 50 लोग जिनमें छात्र, वकील और मीडिया से जुड़े लोग शामिल थे, वे शांतिपूर्ण तरीके से किताबें पढ़ने के लिए इकट्ठा हुए थे। वे ‘I Am Malala’ और ‘Diary of Anne Frank’ पढ़ रहे थे। इन दोनों किताबों को हाल ही में अहमदाबाद के आनंद निकेतन स्कूल, शिलाज की रीडिंग लिस्ट से हटा दिया गया था। संगठन के मुताबिक, हमलावरों के पास बेसबॉल बैट, लकड़ी के डंडे और लोहे की लाठियां थीं।

संगठन से जुड़े प्रोफेसर सावन झालरिया ने कहा, “हम गार्डन में शांतिपूर्वक किताबें पढ़ रहे थे। ये सिर्फ मलाला यूसुफजई और ऐनी फ्रैंक की किताबें नहीं थीं, बल्कि भगत सिंह, चे ग्वेरा और कई अन्य लेखकों की किताबें भी थीं। तभी करीब 30 लोग लोहे की रॉड और डंडे लेकर आए और हम पर हमला कर दिया। इस घटना में कम से कम छह लोग घायल हुए हैं।”