ताज़ा खबर
 

आतंकवाद जंग का नया तरीका, कट्टरपंथ को रोकने के लिए सोशल मीडिया को काबू करने की जरुरत: रावत

बिपिन रावत ने आतंकवाद को युद्ध का एक नया तरीका बताते कहा कि यह ‘‘कई सिर वाले राक्षस’’ की तरह अपने पैर पसार रहा है और यह ‘‘तब तक मौजूद रहेगा’’, जब तक कुछ देश राष्ट्र की नीति के तौर पर इसका इस्तेमाल करना जारी रखेंगे।

Author नई दिल्ली | Updated: January 10, 2019 10:46 AM
आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत (फोटो सोर्स ; PTI)

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने आतंकवाद को युद्ध का एक नया तरीका बताते हुए बुधवार को कहा कि यह ‘‘कई सिर वाले राक्षस’’ की तरह अपने पैर पसार रहा है और यह ‘‘तब तक मौजूद रहेगा’’, जब तक कुछ देश राष्ट्र की नीति के तौर पर इसका इस्तेमाल करना जारी रखेंगे। ‘रायसीना डायलॉग’ के दौरान यहां एक पैनल चर्चा में रावत ने कहा कि सोशल मीडिया कट्टरपंथ को फैलाने का जरिया बन रहा है, इसलिए इसे नियंत्रित किए जाने की आवश्यकता है।
जनरल रावत ने अफगानिस्तान की शांति प्रक्रिया पर कहा कि तालिबान से बातचीत होनी चाहिए, लेकिन यह बिना किसी शर्त के होनी चाहिए। पाकिस्तान का स्पष्ट जिक्र करते हुए जनरल रावत ने कहा कि ‘‘कमजोर देश’’ दूसरे देश पर अपनी शर्तें मानने का दबाव बनाने के लिए आतंकवादियों का इस्तेमाल कर रहे हें और उन्होंने ऐसी नीति को बर्दाश्त किए जाने के खिलाफ आगाह किया।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर यह चलता रहा तो कुछ देश आतंकवादियों का वित्त पोषण करेंगे और उन्हें उस तरीके से अपनी गतिविधियों को अंजाम देने की अनुमति देंगे जिस तरह वे देना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा तालिबान को पनाह दी। सेना प्रमुख ने कहा कि सोशल मीडिया कट्टरपंथ को फैलाने और वित्तीय संसाधन पैदा करने का जरिया बन रहा है। उन्होंने कहा कि अब इस पर नियंत्रण लगाने का समय आ गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने जम्मू कश्मीर में अलग तरह का कट्टरपंथ देखा। देश जब तक राष्ट्र की नीति के तौर पर आतंकवाद को बढ़ावा देते रहेंगे तब तक यहां आतंकवाद मौजूद रहेगा। हम जम्मू कश्मीर में ऐसा होते देख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में बहुत सी गलत एवं झूठी जानकारियों के कारण युवाओं के अंदर कट्टरता की भावना आ रही है और धर्म संबंधी कई झूठी बातें उनके मनमस्तिष्क में भरी जा रही हैं। जनरल रावत ने कहा, ‘‘यह कम दृश्यता, ज्यादा लाभ उठाने का विकल्प है। यह अब युद्ध का एक नया तरीका बन रहा है। हमने कुछ वर्षों पहले गुरिल्ला युद्ध के तरीके का जिक्र किया था। अब यह आतंकवाद में बदल गया है।’’ उन्होंने कहा कि आतंकवाद अब युद्ध का नया तरीका बन रहा है। आतंकवाद कई सिर वाले एक राक्षस की तरह अपने पैर पसार रहा है।

उन्होंने कहा कि मादक पदार्थ और बंदूकों के बीच निश्चित तौर पर गठजोड़ है और मादक पदार्थ की गतिविधियों पर नियंत्रण लगाए बगैर वित्त पोषण और बंदूकों की गतिविधि पर लगाम लगाना मुश्किल होगा। सेना प्रमुख ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ फैलाना चिंता का विषय है क्योंकि कई लोग इस प्लेटफार्म के जरिए कट्टर बन रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमें मीडिया और सोशल मीडिया पर नियंत्रण लगाने के लिए बहुत कुछ करना होगा। इसके लिए अगर किसी एक देश ने भी खास तरह की मीडिया को नियंत्रित करना शुरू कर दिया तो कहा जाएगा कि मीडिया अधिकारों पर लगाम लगाई जा रही है।

इसलिए मुझे लगता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक साथ मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सोशल मीडिया के स्रोत को गलत सूचना फैलाने से रोका जाए क्योंकि ज्यादातर फंड उन लोगों से आ रहा है जो कट्टर बनते जा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ आतंकवादी संगठनों द्वारा फंड एकत्रित करने की वजहों में से एक बन रहा है। कट्टर लोग फंड एकत्र करने में आतंकवादी संगठनों की मदद भी कर रहे हैं।
सेना प्रमुख ने कहा कि आईएस कुछ अन्य देशों की तरह भारत में अपने पैर नहीं जमा पाया और उन्होंने इसका श्रेय भारत के संपन्न पारिवारिक मूल्यों को दिया।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 पूर्व बीजेपी विधायक की हत्या: पार्टी का ही नेता आरोपी, भाग गया अमेरिका! जानें क्या कहती है पुलिस
2 बुलंदशहर हिंसा : बीजेपी यूथ विंग का सदस्य शिखर अग्रवाल गिरफ्तार, हिंसा फैलाने का है मुख्य आरोपी
3 बिहार: नई दिल्ली-भागलपुर एक्सप्रेस में डकैती, 4 एसी और एक जनरल कोच से 25 लाख का माल ले गए बदमाश
ये पढ़ा क्या?
X