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मध्य प्रदेश: कांग्रेस ने होर्डिंग में लिखा शिवभक्त राहुल, बीजेपी बोली केरल में बीफ खाने पर नहीं लिया था एक्शन

कांग्रेस अध्यक्ष के भोपाल दौरे से पहले वहां पार्टी नेताओं ने शहर में कई जगहों पर 'शिवभक्त राहुल गांधी जी' लिखा हुआ होर्डिंग लगाया है। भाजपा ने इसे राज्य में चुनाव से पहले 'धार्मिक दिखावा' करार दिया।

कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान राहुल गांधी (Photo: Twitter@INCIndia)

कांग्रेस अध्यक्ष के कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटने के कई दिनों बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस राहुल गांधी के नाम के साथ ‘शिवभक्त’ लिख रही है। राजधानी भोपाल में राहुल गांधी के आगमन से दो दिन पहले कई जगहों पर ‘शिवभक्त राहुल गांधी जी’ लिखा हुआ होर्डिंग नजर आ रहा है। भाजपा ने इस होर्डिंग को लेकर कांग्रेस पर कटाक्ष किया है। कहा कि, “यह चुनाव से पहले धार्मिक दिखावा है। केरल में जब कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता बीफ खाए, लेकिन उनके उपर किसी तरह का एक्शन नहीं लिया गया।” दरअसल, राहुल गांधी कांग्रेस के चुनावी अभियान की शुरूआत करने भोपाल आ रहे हैं। इस दौरे में वे पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित भी करेंगे।

कांग्रेस ने हाल ही में घोषणा किया है कि वे राज्य को एक धार्मिक पर्यटन स्थल के हब के रूप में बदल देंगे। भगवान श्रीराम 14 साल के वनवास के दौरान वे जहां-जहां से गुजरे थे, उस रूट को विकसित किया जाएगा। साथ ही नर्मदा परिक्रमा मार्ग पर सुविधाएं बढ़ाई जाएगी। पार्टी ने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी के ‘शिव भक्त’ नामकरण में कुछ भी गलत नहीं है क्योंकि उनके नेता लंबे समय से मंदिरों का भ्रमण कर रहे हैं।

वहीं, भाजपा ने इसे राज्य में चुनाव से पहले ‘धार्मिक दिखावा’ करार बताते हुए तंज किया है। राज्य के सहकारी समिति मंत्री विश्वास सारंग ने शनिवार को कहा, “यह वह पार्टी है जिसने भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाया। केरल में इस पार्टी के कार्यकर्ता बीफ खाए, लेकिन उनके उपर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई। राहुल गांधी का मध्य प्रदेश में स्वागत है। लेकिन हम यह पूछना चाहते हैं कि वे पीसीसी प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ के साथ मंच क्यों शेयर करेंगे, जो सिख-विरोधी दंगों में शामिल थे। वे नफरत, प्यार और नापसंद के बारे में काफी बोलते हैं, लेकिन साथ ही वे सिख विरोधी दंगों में शामिल एक व्यक्ति के साथ मंच शेयर करने को तैयार हैं।” सारंग ने यह भी कहा कि वर्ष 2016 में पंजाब कांग्रेस ईकाई द्वारा विरोध के बावजूद कमलनाथ को वहां का प्रभारी बनाया गया था। भाजपा द्वारा कमलनाथ के खिलाफ लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कांग्रेस नेता नरेंद्र सालुजा ने कहा कि, “2002 के गुजरात दंगों ने भाजपा के शीर्ष नेताओं के शामिल होने का आरोप था। पुराने और निराधार आरोप लगाने की जगह पार्टी को विकास के मुद्दे पर बहस करनी चाहिए।”

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