UP चुनाव में टिकट मांगने वालों से Congress लेगी 11 हजार रुपये का आवेदन शुल्क

अजय कुमार लल्लू द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि आगामी विधानसभा चुनाव 2022 के लिए आवेदन पत्र जमा करने के लिए जिला मुख्यालय पर जिला/ शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों एव प्रदेश स्तर पर संजय शर्मा व विजय बहादुर को अधिकृत किया गया है।

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तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फोटो- एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों की तरफ से तैयारी जारी है। इधर कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा है कि विधानसभा चुनाव में जो भी कार्यकर्ता पार्टी का टिकट लेना चाहते हैं उन्हें 25 सितबंर तक आवेदन करना है। आवेदन का शुल्क 11 हजार रुपया रखा गया है।

अजय कुमार लल्लू द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि आगामी विधानसभा चुनाव 2022 के लिए आवेदन पत्र जमा करने के लिए जिला मुख्यालय पर जिला/ शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों एव प्रदेश स्तर पर संजय शर्मा व विजय बहादुर को अधिकृत किया गया है। बताते चलें कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में बुधवार से ‘प्रशिक्षण से पराक्रम’ अभियान के दूसरे चरण का आरंभ करेगी जिसके तहत पूरे राज्य में 100 प्रशिक्षण शिविर लगाये जायेंगे।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि इन प्रशिक्षण शिविरों में तकरीबन 30 हज़ार पदाधिकारियों को चुनाव के मद्देनजर प्रशिक्षित किया जाना है। सूत्रों ने कहा कि इस अभियान के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय में जुलाई माह से ही एक विशेष प्रशिक्षण कार्य बल का गठन किया गया था जो अनवरत प्रशिक्षण के कार्य को अंजाम दे रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रशिक्षण से पराक्रम महाभियान के पहले चरण में कांग्रेस ने अपने तकरीबन 25 हज़ार कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया था। 11 दिनों तक जिलावार चले इस अभियान के पहले चरण में राज्य के सभी जिलों में जिला और शहर कमेटियों के पदाधिकारियों के साथ ब्लाक अध्यक्षों, वार्ड अध्यक्षों और न्याय पंचायत अध्यक्षों को प्रशिक्षित किया गया था। अब यह अभियान विधानसभावार शुरू हो रहा है।’’ गौरतलब है कि इस अभियान के तहत कांग्रेस ने 700 प्रशिक्षण शिविरों के जरिये 2 लाख पदाधिकारियों को प्रशिक्षित करने का महाभियान शुरू किया है। यह महाभियान चार चरणों में पूरा होगा।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने उत्तर प्रदेश में ‘महिला विरोधी अपराधों’ का हवाला देते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘महिला विरोधी सोच के अगुवा’ हैं। उन्होंने हाथरस में एक साल पहले दलित युवती के साथ हुए कथित दुष्कर्म एवं हत्या के मामले का उल्लेख करते हुए ट्वीट किया, ‘‘आज से एक साल पहले हाथरस में बलात्कार की भयावह घटना घटी थी और उप्र सरकार ने परिवार को न्याय व सुरक्षा देने की जगह धमकियां दीं थीं और उनसे बेटी के ससम्मान अंतिम संस्कार का हक भी छीन लिया था।’’

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