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चुनाव से पहले संगठन को मजबूत कर जनाधार बढ़ाने की कोशिश में कांग्रेस

राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने की कसरत में जुट गई है।

Author जयपुर | March 10, 2018 01:24 am
सचिन पायलट

राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने की कसरत में जुट गई है। संगठन में जनाधार वाले नेताओं को तरजीह देने के लिए जिला स्तर पर नेतृत्व विशेष फोकस कर रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने इस बारे में नेताओं से राय लेना शुरू कर दिया है। पंचायत और शहरी निकायों के उपचुनावों में भी बड़ी जीत के बाद कांग्रेस अब भाजपा को पछाड़ने की रणनीति बनाने में जुट गई है। राज्य में तीन उपचुनावों की जीत से उत्साहित कांग्रेस अब संगठन को बूथ स्तर पर चाक चौबंद करने में जुट गई है। कांग्रेस आलाकमान की मंशा के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस ने अपने संगठन को सक्रिय कर दिया है। प्रदेश और जिला पदाधिकारियों को समाज के हर तबके से जुड़ने का निर्देश दिया गया है। कांग्रेस प्रत्याशियों के चयन से पहले ही हर विधानसभा क्षेत्र में प्रभारी बना कर हर वर्ग की राय लेगी।

प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महासचिव अविनाश पांडे संगठन की हर गतिविधियों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। पांडे ने राज्य के तमाम बड़े नेताओं के बीच तालमेल बैठाने की मुहिम चला रखी है। पांडे का मानना है कि नेताओं की एकजुटता की बदौलत कांग्रेस आसानी से प्रदेश में बड़ी जीत हासिल कर लेगी। इसलिए पांडे ने गुटबाजी को दूर करने के लिए भी नेताओं के आपसी समन्वय पर जोर दिया है। पांडे ने अजमेर और अलवर लोकसभा सीट के साथ ही मांडलगढ़ विधानसभा सीट के उपचुनाव में बेहतर तालमेल की नीति अपनाई थी। इसी का नतीजा रहा कि कांग्रेस ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की।

राज्य में प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थकों के साथ प्रभारी महासचिव पांडे ने तालमेल के जरिए ही उपचुनावों का बेहतर संचालन किया। पांडे ने अब हर विधानसभा क्षेत्र में इसी के तहत अपनी मुहिम चला रखी है। पायलट का कहना है कि प्रदेश में कांग्रेस एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरेगी। उपचुनावों की जीत से कांग्रेस कार्यकर्ता उत्साह में हैैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है। प्रदेश की जनता को बस अब चुनाव का इंतजार है। कांग्रेस आलाकमान के निर्देश के अनुसार हर कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी निभाएगा। कांग्रेस ने अपने पूर्व के शासन में जनहित की कई योजनाएं चला कर आम आदमी को राहत प्रदान की थी। भाजपा सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर आम जनता के साथ कुठाराघात किया है। इसका बदला जनता चुनाव में भाजपा से लेगी।

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