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सोनभद्र कांड पर बोलीं मायावती, घडियाली आंसू बहाना बंद करें सपा और कांग्रेस

मायावती ने कहा, ''अब इस घटना को लेकर सपा एवं कांग्रेस के नेताओं को घड़ियाली आँसू बहाने की बजाय वहाँ पीड़ित आदिवासियों को, उनकी जमीन वापिस दिलाने हेतु आगे आना चाहिये तो यह सही होगा ।''

Author लखनऊ | Updated: August 13, 2019 5:53 PM
बीएसपी सुप्रीमो मायावती। फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के सोनभद्र में उम्भा गांव के दौरे के बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार को कहा कि सपा और कांग्रेस को घडियाली आंसू बहाने की बजाय वहां के पीड़ित आदिवासियों की जमीन वापस दिलाने में मदद करनी चाहिए। मायावती ने टवीट किया, ”सोनभद्र काण्ड के पीड़ित आदिवासियों के मुताबिक पहले कांग्रेस एवं फिर सपा के भू-माफियाओं ने इनकी जमीन हड़प ली, जिसका विरोध करने पर, इनके कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया ।”

उन्होंने कहा, ”अब इस घटना को लेकर सपा एवं कांग्रेस के नेताओं को घड़ियाली आँसू बहाने की बजाय वहाँ पीड़ित आदिवासियों को, उनकी जमीन वापिस दिलाने हेतु आगे आना चाहिये तो यह सही होगा ।” बसपा सुप्रीमो ने कहा कि इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार को भी इस मामले में सख्त कदम उठाकर वहाँ आदिवासियों को उनकी जमीन वापिस करानी चाहिये । बसपा फिर से यह माँग करती है।

इससे पहले एक अन्य टवीट में मायावती ने सीबीएसई द्वारा दसवीं और बारहवीं के परीक्षा शुल्क में बढोतरी को वापस लेने की मांग की थी। मायावती ने कहा थी, ””अभी हाल ही में सीबीएसई ने दसवीं व बारहवीं के लिये परीक्षा शुल्क में जो 24 गुना तक बढ़ोतरी की है, जिसके तहत अब एससी-एसटी छात्रों को 50 रुपये के बजाय 1200 रुपये देने होंगे ।” उन्होंने कहा कि इसी प्रकार सामान्य वर्ग के छात्रों के शुल्क में भी दोगुनी वृद्धि की गई है । यह अति दुर्भाग्यपूर्ण, जातिवादी एवं गरीब विरोधी फैसला है । सीबीएसई इसे तुरन्त वापिस ले।

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