पूर्वोत्तर में फिर संकट में कांग्रेस, छह विधायक पार्टी छोड़ TMC में हुए शामिल - Jansatta
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पूर्वोत्तर में फिर संकट में कांग्रेस, छह विधायक पार्टी छोड़ TMC में हुए शामिल

धर ने कहा कि सरकार माकपा के पूर्व सदस्य हैं। वे माकपा के टिकट पर पांच बार विधानसभा पहुंचे और नौ साल तक विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे हैं। उन्हें माकपा में वापस लाया जाएगा।

Author अगरतला | June 8, 2016 2:10 AM
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी।

पूर्वोत्तर में कांग्रेस एक बार फिर संकट में घिर गयी है। त्रिपुरा में कांग्रेस के छह बागी विधायक पार्टी से इस्तीफा देकर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस में बगावत के बाद वाम शासन वाले इस राज्य में तृणमूल अब मुख्य विपक्षी पार्टी बन जाएगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के बाद त्रिपुरा पूर्वोत्तर का चौथा राज्य है जहां कांग्रेस को बगावत का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस के छह असंतुष्ट विधायकों ने पूर्व नेता विपक्ष सुदीप रॉय बर्मन के नेतृत्व में मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपकर कहा कि वे पार्टी छोड़ रहे हैं। साथ ही कहा कि वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं।

विधानसभा अध्यक्ष को जब इन विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र सौंपा गया, उस समय इन छह असंतुष्ट विधायकों में से बर्मन, बिस्वबंधु सेन, दिबा चंद्र हृंखाव्ल और आशीष साहा उपस्थित थे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दो अन्य विधायक – दिलीप सरकार तथा प्राणजीत सिन्हा रॉय अस्वस्थ होने की वजह से उपस्थित नहीं थे। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से फोन पर बात की है।

पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए विधानसभा अध्यक्ष रमेद्र चंद्र देबनाथ ने कहा कि छह विधायकों ने हस्ताक्षर कर मुझे सूचित किया है कि वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। अध्यक्ष ने कहा कि वह उनके अनुरोधों पर विचार करेंगे।

बता दें कि त्रिपुरा में बर्मन पहले ही तृणमूल कांग्रेस विधायक दल के नेता चुने जा चुके हैं और उनके नेता विपक्ष के पद का दावा करने की उम्मीद है। इससे राज्य की 60 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस की संख्या 10 से घटकर तीन रह जाएगी। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष बिरजीत सिन्हा और दो अन्य विधायक कांगे्रस में हैं। वाम मोर्चा के पास अभी 50 सीटें हैं। त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव 2018 में होने हैं।

उधर, माकपा के प्रदेश सचिव बिजन धर के अनुसार विधानसभा से इस्तीफा देने वाले कांग्रेस के एक अन्य असंतुष्ट विधायक जितेन सरकार ने सत्तारूढ़ माकपा में शामिल होने की इच्छा जताई है।

धर ने कहा कि सरकार माकपा के पूर्व सदस्य हैं। वे माकपा के टिकट पर पांच बार विधानसभा पहुंचे और नौ साल तक विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे हैं। उन्हें माकपा में वापस लाया जाएगा।

कांग्रेस के बागियों ने कहा है कि पश्चिम बंगाल चुनावों में वाम के साथ भागीदारी करने के पार्टी के फैसले के खिलाफ उन्होंने इस्तीफा दिया है।
पिछले चुनावों में कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बर्मन ने कहा कि तृणमूल में शामिल होने का हमारा लक्ष्य वाम की इस भ्रष्ट, जन विरोधी सरकार को हराना है। बर्मन ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस-वाम गठबंधन के विरोध में नेता विपक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।

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