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टिकट बंटवारे में कांग्रेस चली भाजपा की राह पर

उत्तराखंड में कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर भाजपा के फार्मूले को अपनाया है। कांग्रेस ने एक दर्जन दलबदलुओं और भाजपा बागियों को टिकट थमाए हैं।

उत्तराखंड में कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर भाजपा के फार्मूले को अपनाया है। कांग्रेस ने एक दर्जन दलबदलुओं और भाजपा बागियों को टिकट थमाए हैं। वहीं कांग्रेस ने हरीश रावत को कुमाऊं की तराई वाले इलाके किच्छा से तथा हरिद्वार के मैदानी क्षेत्र ग्रामीण हरिद्वार विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाने का फैसला किया है। कांग्रेस हाईकमान रावत को मुख्यमंत्री के रूप में चुनाव मैदान में उतार रहा है। ‘उत्तराखंड खुशहाल, रावत पूरे पांच साल’ नारे के बूते कांग्रेस उत्तराखंड में सरकार बनाने का सपना संजो रही है। कांग्रेस ने अब तक विधानसभा चुनाव के लिए 70 में से 63 उम्मीदवारों के नामों की सूची जारी की है। इस सूची को देखते हुए लगता है कि टिकट बंटवारे में रावत की पूरी तरह से मनमानी नहीं चली है। रावत के कई समर्थकों के कांग्रेस हाईकमान ने टिकट काट दिए हैं। और रावत के विरोधियों और प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के समर्थकों को टिकट थमा दिए हैं।

कांगे्रस ने एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति को टिकट देने का फार्मूला अपनाया है। इस फार्मूले को लागू करवाने के लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रहे थे। रावत अपनी बेटी अनुपमा रावत को हरिद्वार ग्रामीण से विधानसभा चुनाव लड़वाना चाहते थे। परंतु किशोर उपाध्याय के सामने हरीश रावत की एक न चली और पार्टी हाईकमान ने रावत की बजाय किशोर उपाध्याय को ज्यादा अहमियत दी। वहीं पार्टी हाईकमान किच्छा और हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीट से हरीश रावत को चुनाव लड़वाकर उनके चेहरे-मोहरे का फायदा उठाना चाहता है। अब देखना यह है कि रावत का यह चेहरा-मोहरा कांग्रेस के कितना काम आएगा।

हरीश रावत को सबसे बड़ा झटका कांगे्रस हाईकमान ने उनके संसदीय क्षेत्र हरिद्वार में दिया है। हरिद्वार की शहरी सीट से कांग्रेस हाईकमान ने रावत को झटका देते हुए उनके कट्टर समर्थक सतपाल ब्रह्मचारी की जगह रावत के धुर विरोधी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी को टिकट दिया है। ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी को राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा तथा जनार्दन द्विवेदी के कहने पर टिकट दिया गया है। वहीं रावत के विरोधी सूर्यकांत धस्माना को देहरादून कैंट, एसपी सिंह को ज्वालापुर सुरक्षित सीट से, राजपाल सिंह को झबरेड़ा सुरक्षित सीट से तथा रावत के विरोधी किशोर उपाध्याय को सहसपुर विधानसभा सीट से टिकट दिया गया है। पार्टी हाईकमान ने किशोर उपाध्याय की सिफारिश पर रावत विरोधियों को टिकट दिए हैं। रावत को सबसे ज्यादा झटका हरिद्वार विधानसभा सीट से सतपाल ब्रह्मचारी को टिकट न मिलने से लगा है। हरीश रावत झबरेडा विधानसभा सीट पर बसपा से कांग्रेस में आए पूर्व विधायक हरिदास को तथा ज्वालापुर सुरक्षित सीट से बृजरानी को टिकट दिलवाना चाहते थे।

कांग्रेस ने भाजपा की तर्ज पर रूड़की से दलबदल कर कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व विधायक सुरेश चंद्र जैन, पीडीएफ छोड़कर कांग्रेस में आए कैबिनेट मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी को देवप्रयाग, और लालकुआं से हरिश्चंद्र दुर्गापाल, यमकेश्वर विधानसभा सीट से भाजपा से दलबदल कर आए शैलेन्द्र सिंह रावत, भाजपा से दलबदल कर आए भीमलाल आर्य को घनसाली सुरक्षित सीट से, भाजपा से दलबदल करने वाले पूर्व विधायक दान सिंह भंडारी को भीमताल विधानसभा सीट तथा खानपुर विधानसभा सीट से बसपा छोड़कर कांग्रेस में आए चौधरी यशवीर सिंह को और लक्सर से बसपा छोड़कर कांग्रेस में आए हाजी तसलीम अहमद को, पौड़ी सुरक्षित से नवलकिशोर को तथा भाजपा छोडकर कांग्रेस में आए टीपीएस रावत को लैंसडॉन से टिकट दिया है। इसके कारण इन सीटों पर कांग्रेस के वफादार कार्यकर्ता इन बाहरी उम्मीदवारों के खिलाफ बगावत पर उतर आए हैं।

कांग्रेस ने 26 मौजूदा विधायकों को टिकट दिए हैं। कांग्रेस ने यमुनौत्री विधानसभा सीट से संजय डोभाल, केदारनाथ से मनोज रावत, रूद्रप्रयाग से लक्ष्मी राणा, नरेंद्र नगर से हिमांशू बैंजवाल, मसूरी से गोदावरी थापली तथा सितारगंज से माली विश्वास को नए चेहरे के रूप में टिकट दिया है। अभी कांग्रेस ने 7 विधानसभा सीटों रायपुर, धनौल्टी, टिहरी, गदरपुर, जसपुर, सोमेश्वर और बागेश्वर से अपना कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया है। धनौल्टी और टिहरी सीट को लेकर भाजपा में सबसे ज्यादा विवाद चल रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय टिहरी विधानसभा सीट से पीडीएफ के नेता दिनेश धनै को निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन देने के खिलाफ हैं।

वहीं भाजपा ने 70 विधानसभा सीटों में से बची छह सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। चकरौता विधानसभा सीट से भाजपा ने रावत सरकार के सबसे ताकतवर मंत्री प्रीतम सिंह के खिलाफ मधु चौहान, विकास नगर से कैबिनेट मंत्री नवप्रभात के खिलाफ मुन्ना सिंह चौहान, धर्मपुर से कांग्रेस के उम्मीदवार कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल के खिलाफ देहरादून के मेयर विनोद चमोली, भीमताल से गोविंद सिंह बिष्ट, हल्द्वानी से कैबिनेट मंत्री इंदिरा ह्रदयेश के खिलाफ नया चेहरा जोगेन्द्र रौतेला, हरीश रावत के दाहिने हाथ रंजीत सिंह रावत के खिलाफ रामनगर से दीवान सिंह बिष्ट को चुनाव मैदान में उतारा है। भाजपा ने रविवार जारी उम्मीदवारों की सूची में परिवारवाद का सहारा लिया है। भाजपा के प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान को खुश करने के लिए भाजपा ने उन्हें विकासनगर और उनकी पत्नी मधु चौहान को चकरौता से टिकट दिया है जबकि कांगे्रस ने परिवारवाद का सहारा नहीं लिया है।

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