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राहुल गांधी की टीम में दिल्ली का दबदबा, मजबूत करने हाथ कांग्रेस चल रही युवाओं के साथ

युवा नेता तरुण कुमार को भी यह जिम्मेदारी मिली। कुल मिलाकर यह संख्या छह हो चुकी है। यादव व तरुण कुमार को राजस्थान की जिम्मेदारी दी गई थी। दोनों नेताओं ने चुनाव वाले इस प्रदेश में खासी सक्रियता भी दिखाई।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी। (फोटोः पीटीआई)

दिल्ली की राजनीति में कांग्रेस भले तीसरे पायदान पर हो, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की टीम में सूबे के नौजवान सूरमाओं का दबदबा है। राष्ट्रीय संगठन में इनकी हनक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि संदीप दीक्षित को पार्टी का सचिव बनाए जाने के बाद पार्टी मुख्यालय में यह कुर्सी हासिल करने वाले दिल्ली के नेताओं का आंकड़ा आधा दर्जन तक पहुंच गया है। इनके अलावा भी पार्टी के अलग-अलग प्रकोष्ठों व विभागों में दिल्ली के कई युवाओं को जगह दी जा चुकी है।

पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित को राष्ट्रीय संगठन में अभी-अभी जगह मिली है जबकि दीक्षित के संसदीय सचिव रहे नसीब सिंह को पार्टी में सचिव पद की जिम्मेदारी मिली और उत्तर प्रदेश सरीखे बड़े प्रदेश में काम करने का अवसर भी मिला। इसी तरह कांग्रेस के पूर्व विधायकों राजेश लिलोठिया, देवेंद्र यादव और अनिल कुमार को भी पार्टी ने सचिव बनाया। युवा नेता तरुण कुमार को भी यह जिम्मेदारी मिली। कुल मिलाकर यह संख्या छह हो चुकी है। यादव व तरुण कुमार को राजस्थान की जिम्मेदारी दी गई थी। दोनों नेताओं ने चुनाव वाले इस प्रदेश में खासी सक्रियता भी दिखाई। हालांकि पिछले दिनों ऐसी चर्चा रही कि इनके कार्यक्षेत्र में थोड़ा बदलाव किया जा सकता है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को चुनावी टक्कर दे चुके पूर्व विधायक अनिल कुमार को पार्टी ने सचिव बनाकर उड़ीसा में तैनात कर रखा है जबकि राजेश लिलोठिया को बिहार में काम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें तरुण कुमार को छोड़कर बाकी चार विधायक रह चुके हैं, जबकि संदीप पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से सांसद रहे।

इतनी बड़ी संख्या में इन युवा नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में लाए जाने को लेकर पूछने पर पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि ऐसा आरोप लगाया जाता है कि कांग्रेस में बड़े नाम वाले नेताओं के बच्चे ही आगे बढ़ते हैं लेकिन इन छह युवाओं में संदीप दीक्षित को लेकर ही कहा जा सकता है कि उनका ताल्लुक एक पुराने और कद्दावर कांग्रेसी परिवार से है। बाकी तमाम सचिव बनाए गए नेता जमीन से उठकर कांग्रेस अध्यक्ष की टीम में पहुंचे हैं। सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस सचिव के रूप में बिहार में काम कर रहे पूर्व विधायक लिलोठिया ने मुजफ्फरपुर कांड के बाद महिलाओं के लिए इंदिरा शक्ति के नाम से एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया जिसकी काफी तारीफ हुई। दलित समाज से आने वाले लिलोठिया ने प्रदेश के दलित समाज में कांग्रेस को फिर से खड़ा करने की दिशा में जुटे हुए हैं। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश में नसीब सिंह की भाग-दौड़ की भी कांग्रेसी गलियारों में चर्चा है। कहा जा रहा है कि दिल्ली से देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर कांग्रेस को मजबूत करने में जुटे इन युवा नेताओं ने अपनी नई पहचान बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

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