जीती तो मस्जिदों को मुफ्त बिजली देगी कांग्रेस? बीजेपी ने खोला मोर्चा

पीपल्स फ्रंट ने अपने संयुक्त घोषणा पत्र का ऐलान कर दिया है। अब ऐसी खबरें हैं कि कांग्रेस अपना अलग से भी घोषणा पत्र जारी करेगी, जिसमें अल्पसंख्यकों को खुश करने वाली योजनाएं होने का दावा किया जा रहा है।

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तेलंगाना में कांग्रेस पर लगे गंभीर आरोप, पार्टी ने नकारा। (express photo)

तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार जोरों पर है। सभी राजनैतिक पार्टियां अपने-अपने घोषणापत्र से मतदाताओं को लुभाने का प्रयास कर रही हैं। अब कांग्रेस का घोषणा पत्र जारी होने से पहले ही उसे लेकर विवाद हो गया है। दरअसल टाइम्स नाउ ने अपनी एक खबर में दावा किया है कि उन्होंने कांग्रेस का घोषणा पत्र हासिल कर लिया है, जिसमें कांग्रेस ने कई योजनाएं ‘सिर्फ मुस्लिमों’ के लिए शुरु करने की बात कही है! बता दें कि कांग्रेस ने अभी तक तेलंगाना में अपना घोषणा पत्र जारी नहीं किया है। टाइम्स नाउ की एक खबर के अनुसार, कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में मुस्लिमों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं शुरु करेगी! इन योजनाओं में मस्जिदों और चर्च में मुफ्त बिजली की सुविधा देना, सरकारी योजनाओं में मुस्लिम युवाओं को खास मौके देना, गरीब मुस्लिम युवाओं को 20 लाख रुपए की आर्थिक मदद देना, मुस्लिमों के लिए आवासीय स्कूलों का निर्माण करना, अल्पसंख्यकों के लिए अस्पतालों का निर्माण करना, अल्पसंख्यकों के लिए खास उर्दू जिला चयन समिति का गठन आदि जैसी योजनाएं शामिल हो सकती हैं?

खास बात ये है कि कांग्रेस, तेलंगाना में एक पीपल्स फ्रंट बनाकर मैदान में उतर रही है। इस पीपल्स फ्रंट में कांग्रेस, तेलगु देशम पार्टी, सीपीआई-एम और तेलंगाना जन समिति जैसी पार्टियां शामिल हैं। बता दें कि पीपल्स फ्रंट ने अपने संयुक्त घोषणा पत्र का ऐलान कर दिया है। अब ऐसी खबरें हैं कि कांग्रेस अपना अलग से भी घोषणा पत्र जारी करेगी, जिसमें अल्पसंख्यकों को खुश करने वाली योजनाएं होने का दावा किया जा रहा है। वहीं इस खबर के सामने आने के बाद ही विपक्षी पार्टियां कांग्रेस पर हमलावर हो गई हैं और कांग्रेस पर अल्पसंख्यकों को खुश करने की कोशिश करने का आरोप लगा रही हैं। भाजपा ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेता और केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का कांग्रेस के संभावित घोषणा पत्र पर कहना है कि “उनकी पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनकी पार्टी बिना किसी भेदभाव और किसी खास वर्ग को खुश करने के बजाए समग्र विकास में विश्वास रखती है।” भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया का कहना है कि ‘कांग्रेस का असली चेहरा सांप्रदायिक है और कांग्रेस ने कभी भी समानता में विश्वास नहीं किया।’

वहीं इस मुद्दे पर विवाद बढ़ता देख तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता शुजात अली ने भाजपा के आरोपों को नकार दिया है। शुजात अली का कहना है कि उनकी पार्टी लोगों को खुश करने की राजनीति में विश्वास नहीं रखती। शुजात अली ने भाजपा पर उनकी पार्टी की इमेज को बदनाम करने का आरोप भी लगाया। तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष ने भी इन आरोपों को मनगढ़ंत बताया है। उन्होंने कहा कि “भाजपा को छोड़कर कोई भी राजनैतिक पार्टी किसी एक समुदाय का पक्ष नहीं लेती। घोषणा पत्र संबंधी आरोप मनगढ़ंत हैं और इसके पीछे कौन है, इसका पता लगाने के लिए हम मामले की जांच करा रहे हैं।” उल्लेखनीय है कि तेलंगाना में मुख्य मुकाबला कांग्रेस गठबंधन और तेलंगाना राष्ट्र समिति के बीच बताया जा रहा है। टीआरएस ने समय से पहले चुनाव का ऐलान कर पहले ही विपक्षी पार्टियों पर बढ़त लेने की कोशिश की है। इसके साथ ही टीआरएस ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के साथ गठबंधन कर अल्पसंख्यकों के वोट पाने के लिए अपना किला मजबूत भी कर लिया है।

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