किसानों को भाजपा ने कहा, खालिस्तानी, गुंडे, कांग्रेस प्रवक्ता बोले- मोदी के साथ आया था दीप सिद्धू का फोटो

किसान आंदोलन में हिंसा के मामले में कांग्रेस प्रवक्ता ने पीएम मोदी को भी घेरते हुए कहा कि दीप सिद्धू के साथ उनकी तस्वीर आई थी। किसी भाजपा नेता के घर से ही गिरफ्तार हुआ होगा 26 जनवरी हिंसा का आरोपी।

farmers protest, khalistan
किसानों की ट्रैक्टर रैली की तस्वीर। फोटो- पीटीआई

किसान आंदोलन के दौरान कई बार हुई हिंसा पर सवाल उठाए जा रहे हैं। बुधवार को एक बार फिर गाजीपुर बॉर्डर से हिंसा की खबर आई। यहां किसानों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हो गई। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि भाजपा के लोग मंच के पास आकर उन्हें डिस्टर्ब कर रहे थे और गाली गलौज कर रहे थे। हालांकि न्यूज 24 पर डिबेट के दौरान जब संगीत रागी ने किसानों की तरफ से हुई हिंसा की बात की की तो कांग्रेस प्रवक्ता ने पीएम मोदी तक को कटघरे में ला खड़ा किया।

ऐंकर मानक गुप्ता के सवाल पर कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा, हिंसा का कोई स्थान नहीं है लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह पांचवीं घटना है। उन्होंने कहा, भाजपा के नेता गुंडे लेकर पहुंच जाते हैं। उन्होंने सीएम खट्टर की बात करते हुए कहा कि वह कहते हैं किसान शब्द पवित्र है। अगर ऐसा ही सोचते हैं तो गुंडे, खालिस्तानी और भड़वे क्यों कहा गया? भाजपा के लीडर यह बात कहते रहे हैं। रागी साहब आरएसएस के आदमी हैं इसलिए उन्हें विपक्ष को गालियां देनी हैं।

आलोक शर्मा ने कहा, ये लोग कहते हैं किसान गाजीपुर बॉर्डर पर कब्जा करके बैठे हैं। किसान कोई भी बॉर्डर पर नहीं बैठना चाहता। वे तो रामलीला मैदान जाना चाहते थे। बड़े-बड़े सूए और कील भाजपा सरकार ने गाड़े थे। 26 जनवरी की हिंसा पर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, दिल्ली पुलिस के लोग उस काम में शामिल थे। दीप सिद्धू का फोटो जब मोदी जी के साथ आया तो वे बैकफुट पर चले गए।

उन्होंने कहा, दीप सिद्धू भाजपा नेता के घर से तो नहीं मिला था? उनकी बातों पर ऐंकर मानक गुप्ता ने कहा, किसानों ने कब्जा ही तो किया है। धरना देना, तंबू गाड़ना कब्जा ही तो होता है। भाजपा प्रवक्ता ने उनकी बातों पर कहा कि अब कुछ कहने को नहीं रहा। उन्होंने कहा, हम सब लीक से हटकर बात कर रहे हैं। यह सब सोची-समझी साजिश है।

बता दें कि पिछले 7 महीने से किसान दिल्ली की सीमा पर डटे हुए हैं और उनका कहना है कि जब तक सरकार तीनों कृषि कानून वापस नहीं ले लेती वे वहीं डटे रहेंगे। राकेश टिकैत ने तो यहां तक कहा है कि अगर 2024 तक इंतजार करना होगा तो करेंगे लेकिन इन कानूनों को वापस लेना ही होगा।

पढें राज्य समाचार (Rajya News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट