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सत्ता के नशे में झूम शराबी झूम…- मीडिया के सामने जब लड़खड़ाए एकनाथ शिंदे तो अलका लांबा ने कसा तंज, देखें वीडियो

शिवसेना के अंदर आए सियासी भूचाल के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जब-जब शिवसेना टूटी तब भी मैंने कोशिश की शिवसेना एक कैसे हो और हम मिलकर देश के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि भाजपा-शिवसेना साथ आए तो खुशी होगी।

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एकनाथ शिंदे (फोटो- mieknathshinde facebook)

महाराष्ट्र की राजनीति में जारी उठापटक के बीच शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे और उनके समर्थक असम के गुवाहाटी में रैडिसन ब्लू होटल में ठहरे हुए हैं। शिंदे ने दावा किया कि इस वक्त उनके पास गुवाहाटी में 40 विधायक मौजूद हैं, जिनमें 12 निर्दलीय विधायक हैं। कुल मिलाकर उनके पास 52 विधायक हैं। इस बीच एकनाथ शिंदे का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वो मीडिया के सामने लड़खड़ा रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को कांग्रेस प्रवक्ता अलका लांबा ने ट्विटर पर शेयर किया है। वीडियो के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, “सत्ता के नशे में झूम शराबी झूम बराबर।” इस वीडियो में एकनाथ शिंदे मीडिया के सामने लड़खड़ाते और नशे में झूमते नजर आ रहे हैं। वह मीडिया के सवालों का सही से जवाब भी नहीं दे पा रहे हैं।

16 बागी विधायकों को नोटिस: वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष ने एकनाथ शिंदे गुट के 16 बागी शिवसेना विधायकों को अयोग्यता नोटिस जारी किया है। इन विधायकों को 27 जून 2022 तक लिखित जवाब दाखिल करना है। शिंदे समर्थक विधायकों ने अपने गुट का नाम ‘शिवसेना बालासाहेब’ रखा है।

जिसके बाद शिवसेना भवन में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि वे जो करना चाहते हैं कर सकते हैं, मैं उनके मामलों में दखल नहीं दूंगा। वे अपना फैसला खुद ले सकते हैं, लेकिन किसी को भी बालासाहेब ठाकरे के नाम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

सीएम उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने बागी विधायकों के सवाल पर कहा कि हम शिवसेना के बागी विधायकों द्वारा किए गए विश्वासघात को नहीं भूलेंगे। हम निश्चित रूप से जीतेंगे।

शिवसेना के नाम पर वोट न मांगे: वहीं शिवसेना नेता संजय राउत ने बागी विधायकों से कहा है कि वे शिवसेना के नाम पर वोट न मांगे। इस पर बागी विधायक दीपक केसरकर ने कहा, “संजय राउत ने जो बात कही हम इस बारे में जरूर सोचेंगे। हमारा नाम भी तो शिवसेना ही है, अगर उन्हें लगता है कि उसमें कुछ नहीं जोड़ना तो हम उसको शिवसेना बोलेंगे, हम उनका आदर करेंगे।” दीपक केसरकर ने कहा कि कोई पार्टी हमारे खर्च का भुगतान नहीं कर रही है। हमारे नेता एकनाथ शिंदे ने हमें बुलाया और हम यहां आए, रुके और खर्च का भुगतान करेंगे। इन सबके पीछे बीजेपी नहीं है।

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