पश्चिम बंगाल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि बीजेपी और हुमायूं कबीर भाई-भाई हैं। उन्होंने रविवार को मुर्शिदाबाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बीजेपी को हुमायूं कबीर की जरूरत है और हुमायूं कबीर को बीजेपी की।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चौधरी ने कहा कि भाजपा चाहती है कि मुस्लिम वोट काटने के लिए हुमायूं कबीर का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने कहा कि यहां के लोग जानते हैं कि ये दोनों एक साथ चलते हैं।

पश्चिम बंगाल में अप्रैल-मई में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान हुमायूं कबीर का नाम काफी चर्चा में आया था। हुमायूं कबीर ने टीएमसी छोड़कर आम जनता उन्नयन पार्टी बनाई थी।

बाबरी मस्जिद की रखी थी नींव

हुमायूं कबीर ने दिसंबर, 2025 में मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखी थी और चुनाव से पहले यह राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया था। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि हुमायूं कबीर ने मस्जिद बनाने के लिए बांग्लादेश से फंडिंग जुटाई है।

ओवैसी ने तोड़ दिया था गठबंधन

विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर ने हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के साथ गठबंधन किया था लेकिन बाद में एक वीडियो वायरल होने के बाद ओवैसी ने उनसे गठबंधन तोड़ लिया था। वीडियो को लेकर टीएमसी ने दावा किया था कि हुमायूं कबीर ने बीजेपी से 1000 करोड़ रुपये की मांग की थी और वह तत्कालीन विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के संपर्क में थे।

वीडियो के सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल में अच्छा-खासा राजनीतिक तूफान आ गया था। टीएमसी ने आरोप लगाया था कि इस वीडियो के सामने आने के बाद हुमायूं कबीर का असली चेहरा सामने आ गया है। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में टीएमसी को हार मिली थी और राज्य में पहली बार बीजेपी ने दो तिहाई से ज्यादा सीटें जीतकर अपनी सरकार बनाई थी।

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टीएमसी से बगावत करने वाले अधिकतर विधायकों और सांसदों की नाराजगी राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को लेकर है। इस बगावत ने टीएमसी के लिए वजूद का संकट पैदा कर दिया है और इससे अभिषेक बनर्जी की राजनीतिक चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।