कांग्रेस सांसद एस. जोतिमणि ने आरोप लगाया है कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए सीटों क्षेत्रों के आवंटन और पार्टी उम्मीदवारों के चयन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुईं।
सांसद जोतिमणि ने कहा, ”’सर्वेक्षण’ की आड़ में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। जो सीनियर पार्टी कार्यकर्ता दशकों से पार्टी की सेवा कर रहे थे और जिनके जीतने की संभावना थी, उन्हें पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया जबकि कई नए लोगों और ऐसे उम्मीदवारों जिनकी चुनावी संभावना बहुत कम या नहीं के बराबर थी, उन्हें मौके दिए गए और यह सब उनके लिए विशेष रूप से सीटों का चयन करके किया गया।”
तमिलनाडु के करूर से सांसद जोतिमणि ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पूछा, ”जिन लोगों को चुनाव लड़ने का मौका दिया गया था, उनमें से कुछ ने या तो पार्टी छोड़ दी या चुनाव के कुछ दिनों बाद निष्क्रिय हो गए। इन व्यक्तियों को ये मौके किसने दिए? उन्हें किस आधार पर चुना गया? इन गलतियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है?”
केवल एआईसीसी ही कर सकती है जांच
जोतिमणि ने कहा, ”सीटों के आवंटन और उम्मीदवार चयन से संबंधित समिति की अध्यक्षता तमिलनाडु के प्रभारी गिरीश चोडनकर कर रहे थे। कांग्रेस पार्टी के नियमों के अनुसार उस समिति के खिलाफ लगे आरोपों की जांच केवल अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ही कर सकती है। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों को ऐसी जांच करने का अधिकार नहीं है।”
जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई
सांसद ने कहा कि अगर कांग्रेस वाकई में खुद को सुधारना चाहती है तो उसे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव प्रक्रिया की सही जांच करानी होगी। गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। सांसद ने कहा कि तभी पार्टी कार्यकर्ताओं का विश्वास बहाल हो सकता है।
विजय के मंत्री से पुजारी ने मांगे पैसे, हुआ एक्शन
तमिलनाडु की टीवीके सरकार में हिंदू धार्मिक मामलों के मंत्री रमेश ने तिरुचेंदुर सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक पुजारी रुपये लेकर दर्शन करवाते हुए पकड़ा गया। इसके बाद पुजारी को सस्पेंड कर दिया गया। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
