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राहुल के साथ कदमताल को तैयार दिखी कांग्रेस की युवा टीम

युवाओं की इस धमक का ही कमाल था कि जब अनुभवी कमलनाथ बोलने आए तो उन्हें कहना पड़ा कि आज राजा बराड़ का भाषण सुनकर उन्हें अपनी जवानी के दिन याद आ गए जब 1972 में वे कोलकाता में पार्टी के अधिवेशन में एक युवा नेता की हैसियत से मंच पर उतरे थे।

Author March 18, 2018 5:13 AM
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी

अजय पांडेय

युवा राहुल गांधी की अगुआई में कांग्रेस पर तरुणाई का रंग किस कदर गाढ़ा और चटख हो चला है इसकी झलक पार्टी के महाधिवेशन में दिखी। मंच पर पार्टी के युवा नेताओं का दबदबा साफ साफ महसूस किया गया। उनकी हुंकार और ललकार से इंदिरा गांधी स्टेडियम दिन भर गूंजता रहा। बदलाव की थीम पर आयोजित कांग्रेस के इस महाधिवेशन से यह बात साफ रूप से झलकी कि पार्टी की नई पीढ़ी अब मोर्चे पर आ डटी है। देश भर से जुटे हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं में भी युवा चेहरों की भरमार दिखी और इनकी आंखों में सत्ता में वापसी की उम्मीद भी साफ-साफ दिखाई पड़ी। ध्वजारोहण कार्यक्रम के बाद राष्ट्रगीत से महाधिवेशन की शुरुआत कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उद्घाटन भाषण से हुई। उसके बाद दिल्ली के कांग्रेसी मुखिया अजय माकन ने मंच संभाला और अपने स्वागत भाषण में पार्टीजनों का आह्वान किया कि देश की गंगा-जमुनी तहजीब की हिफाजत और देश को आगे ले जाने के लिए सबको मिलजुलकर काम करना चाहिए। उसके बाद अमरिंदर सिंह, राजा बराड़, सचिन पायलट, ज्योतिरादित्य सिंधिया, परेश धनानी, सुष्मिता देव, रणदीप सिंह सुरजेवाला, नदीम जावेद, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, राजीव साटव और एक से बढ़कर एक संबोधन देने वाले युवा कांग्रेसी मंच पर उतर आए।

युवाओं की इस धमक का ही कमाल था कि जब अनुभवी कमलनाथ बोलने आए तो उन्हें कहना पड़ा कि आज राजा बराड़ का भाषण सुनकर उन्हें अपनी जवानी के दिन याद आ गए जब 1972 में वे कोलकाता में पार्टी के अधिवेशन में एक युवा नेता की हैसियत से मंच पर उतरे थे। उन्होंने चुटकी भी ली कि युवाओं की इस फौज के आगे अब शायद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उनसे कहेंगे कि कमलनाथ अब आप बुजुर्ग हो गए हो। उनके अलावा गुलाम नबी आजाद और अभिषेक मनु सिंघवी ने भी महाधिवेशन को संबोधित किया। कांग्रेस के महाधिवेशन में देश भर से आए कांग्रेसियों में अपने युवा अध्यक्ष राहुल गांधी को लेकर भरपूर जोश नजर आया। खासकर, दक्षिण भारतीय कार्यकर्ता उनके करीब जाने, उनके साथ सेल्फी खिंचाने और उन्हें चादर व पट्टा पहनाने को व्यग्र दिखे। बाद में मंच से पार्टी महासचिव मुकुल वासनिक को यह घोषणा करनी पड़ी कि यदि कार्यकर्ता इस कदर अध्यक्ष के आसपास भीड़ लगाने लगेंगे तो दिक्कत होगी। यहां तक कि खुद वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ऐसे कार्यकर्ताओं को हटाने कांग्रेस अध्यक्ष के पास पहुंच गए। खास बात यह भी दिखी कि मंच पर कोई कुर्सी नहीं रखी गई थी, सारे नेता हॉल में कार्यकर्ताओं के साथ बैठे थे।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह कार्यकर्ताओं के बीच से ही होकर अपने आसन तक पहुंचे। राहुल गांधी व सोनिया गांधी के संबोधन के समय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। सोनिया गांधी जब मंच पर पहुंचीं तो स्टेडियम में मौजूद हजारों कार्यकर्ताओं ने खड़े होकर और तालियां बजाकर उनका अभिनंदन किया। अपने स्वागत से सोनिया भावुक होती दिखाई पड़ीं। कांग्रेस का झंडा लहराते और नारेबाजी करते कार्यकर्ताओं के उत्साह से संकेत मिले कि इन्हें राहुल की अगुआई में सत्ता में वापसी का रास्ता सूझने लगा है।

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