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चंड़ीगढ़: खोई हुई जमीन तलाशती कांग्रेस

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष छाबड़ा ने बताया कि पार्टी को मजबूत करने के लिए पार्टी के कार्यकर्ता दिन रात मेहनत कर रहे हैं। छाबड़ा के मुताबिक पार्टी ने शहरवासियों के बीच में जाकर कांग्रेस के कार्यकाल में शहर के विकास कार्यों की याद दिलाई।

पवन बंसल और प्रदीप छाबड़ा।

संजीव शर्मा

लोकसभा चुनाव 2014 के बाद से कांग्रेस चंडीगढ़ के राजनीतिक परिदृश्य में हाशिए पर चल रही है। पार्टी वहीं अपनी खोई हुई जमीन तलाशने को कोशिश में जुटी हुई है। इस प्रयास में कद्दावर नेता के रूप में पूर्व रेलमंत्री पवन बंसल को फिर टिकट देते हुए कांग्रेस ने इस दिशा में पहला प्रयास किया है और प्रदेश चंड़ीगढ़ के अध्यक्ष भी पार्टी को मुख्य धारा में लाने में जुटे हुए हैं। चंडीगढ़ से लगातार तीन बार जीत दर्ज करने वाले पवन बंसल को पिछली बार भाजपा उम्मीदवार किरण खेर ने करीब 74 हजार वोटों के अंतर से हराया था।

इसके बाद साल 2017 में चंडीगढ़ नगर निगम के चुनाव में भी कांग्रेस बुरी तरह परास्त हुई थी। नगर निगम चुनाव में पहली बार कुल 26 पार्षदों में से कांग्रेस के सिर्फ चार पार्षद ही निगम सदन में पहुंचे। लगातार मिल रही हार से कांग्रेस पार्टी राजनीतिक परिदृश्य में हाशिए पर चली गई। इस बीच पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी से किनारा कर लिया। कुछ समय पहले ही चंडीगढ़ कांग्रेस प्रदेश कमेटी के अध्यक्ष के रूप में वरिष्ठ नेता प्रदीप छाबड़ा ने कार्यभार संभाला। छाबड़ा के नेतृत्व में पार्टी ने मुख्य मुकाबले में आने के लिए जोर लगा रखा है। पार्टी में बहुत कुछ बदला है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष छाबड़ा ने बताया कि पार्टी को मजबूत करने के लिए पार्टी के कार्यकर्ता दिन रात मेहनत कर रहे हैं। छाबड़ा के मुताबिक पार्टी ने शहरवासियों के बीच में जाकर कांग्रेस के कार्यकाल में शहर के विकास कार्यों की याद दिलाई। साथ ही, भाजपा के सत्ता में आने के बाद शहर के विकास पर विराम लगने के तथ्यों को सामने रखा। छाबड़ा के मुताबिक पार्टी को मजबूत बनाने के लिए सबसे पहले काफी सालों से काम कर रहे युवाओं को मौका दिया गया। इसके बाद उन युवाओं को मुद्दे बताए गए और उसका मास्टर प्लान तैयार किया गया। पार्टी इसके तहत लगातार काम कर रही है।

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