ताज़ा खबर
 

एक और राज्य में खस्ताहाल हुई कांग्रेस, पार्टी अध्यक्ष के बाद 10 नेताओं ने दिया इस्तीफा, नए दल के आसार

इस्तीफा देने के बाद प्रद्योत किशोर देबबर्मन ने फेसबुक पोस्ट में लिखा था, 'लंबे समय बाद खुद को सहज महसूस कर रहा हूं। मैंने अपने दिन की शुरुआत झूठे-मक्कारों की बातें सुने बिना की।'

Author अगरतला | Updated: September 26, 2019 1:21 AM
त्रिपुरा कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके प्रद्योत किशोर देबबर्मन (एक्सप्रेस फोटो)

देशभर में मुश्किल हालात से जूझ रही कांग्रेस को एक और राज्य में बड़ा झटका लगा है। पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में कांग्रेस अध्यक्ष (Congress President) प्रद्योत किशोर देबबर्मन के इस्तीफा देने के एक दिन बाद बुधवार (25 सितंबर) को 10 और नेताओं ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। पार्टी छोड़ने वाले नेताओं ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही एक नया राजनीतिक दल बन सकता है, जो आदिवासी और गैर-आदिवासी मसलों पर ध्यान दिया जाएगा।

सोनिया को लिखी चिट्ठीः त्रिपुरा कांग्रेस के महासचिव दिनेश देबबर्मा ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, ‘हमने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव लुइजिन्हो फ्लेरियो को त्रिपुरा में पार्टी की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया था। ऐसे हालातों में महाराज प्रद्योत किशोर के पास इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।’ इस्तीफा देने वाले नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे एक पत्र में फ्लेरियो के खिलाफ एक पत्र लिखा था। इस पत्र में फ्लेरियो पर गैरजरूरी हस्तक्षेप का आरोप लगाया गया था, इसके साथ यह भी कहा गया था फ्लेरियो की वजह से ही 2013 के विधानसभा चुनाव में सीपीएम ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी।

फ्लेरियो पर बीजेपी नेताओं से हाथ मिलाने का आरोपः इन नेताओं ने बीजेपी जॉइन कर चुके सीनियर नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुदीप रॉय बर्मन को भी फ्लेरियो का ही आदमी बताया। उन्होंने कहा कि बर्मन ने 2018 में विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी का दामन थाम लिया। पार्टी नेताओं ने फ्लेरियो पर कांग्रेस का नुकसान करने वाले बीजेपी नेताओं के साथ अनैतिक गठजोड़ करने और षड्यंत्रकारी गतिविधियों में लिप्त रहने का आरोप लगाया।

नए दल पर ये बोले नेताः नए राजनीतिक दल की संभावनाओं को लेकर श्रीदाम देबबर्मा ने कहा कि अंतिम फैसला प्रद्योत किशोर से मशविरे के बाद लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह नई पार्टी अगले साल की शुरुआत में होने वाले एडीसी चुनाव में भी हिस्सा लेगी। त्रिपुरा के माणिक्य राजपरिवार से ताल्लुक रखने वाले प्रद्योत ने त्रिपुरा में एनआरसी की समीक्षा की वकालत की थी। उन्होंने इस संबंध में 22 अक्टूबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी लगाई थी।

फेसबुक पोस्ट में लिखीं ये बातेंः इस्तीफा देने के बाद फेसबुक पोस्ट में उन्होंने लिखा था, ‘लंबे समय बाद खुद को सहज महसूस कर रहा हूं। मैंने अपने दिन की शुरुआत झूठे-मक्कारों की बातें सुने बिना की। मैं आज ऐसे साथियों को लेकर चिंतित नहीं हूं जो आपकी पीठ में छुरा घोंप सकते हैं, न ही गुटबाजी से परेशान हूं और न ही हाईकमान से भ्रष्ट लोगों को ऊंचे पदों पर बनाए रखने के लिए आदेश सुनने पड़े।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X
Next Stories
1 पूर्व IAS अफसर कन्नान गोपीनाथन का आरोप- मुझे सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में नहीं दी गई एंट्री
2 ED के ऐक्शन पर बोले NCP चीफ शरद पवार- दिल्ली की ‘गद्दी’ के आगे झुकूंगा नहीं, संविधान पर है यकीन
3 पाकिस्तान ने ड्रोन से पंजाब में गिराया हथियारों का जखीरा, AK-47 के अलावा चीन में बनीं पिस्टल भी मिलीं
ये पढ़ा क्या?
X