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मध्य प्रदेश उपचुनाव: मंत्री ने कांग्रेस उम्मीदवार की पत्नी को कहा रखैल, तार-तार हो रही प्रचार की गरिमा

MP उपचुनाव पर Iram Siddique की रिपोर्ट: मध्य प्रदेश के महिला आयोग ने बिसाहूलाल की टिप्पणी के लिए उनसे जवाब मांगा है, जबकि पूर्व सीएम कमलनाथ से चुनाव आयोग ने मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के कथित उल्लंघन पर जवाब के लिे 48 घंट दिए हैं।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र Updated: October 22, 2020 9:47 AM
Congress, BJP, Madhya Pradesh Bypollsकांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहीं इमरती देवी पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में घिरे हैं।

MP उपचुनाव पर Iram Siddique की रिपोर्ट: मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस जोर-शोर से प्रचार में जुटी है। हालांकि, आमतौर पर अपनी शांत राजनीति के लिए पहचाने जाने वाले इस राज्य में इस बार दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। आलम यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से लेकर राज्य के कई मौजूदा मंत्री विवादास्पद बयान देने से नहीं चूक रहे।

हाल ही में कांग्रेस नेता कमलनाथ ने एक सभा में कांग्रेस की पूर्व विधायक इमरती देवी को आइटम कह दिया था। ज्योतिरादित्य सिंधिया कैंप की नेता इमरती देवी इस उपचुनाव में डबरा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। कमलनाथ की एक महिला नेता के खिलाफ इस टिप्पणी पर राज्य में राजनीति तेज हो गई। चुनाव आयोग ने एक दिन पहले ही कमलनाथ के बयान का संज्ञान लेते हुए मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के कथित उल्लंघन के लिए उनसे 48 घंटे के अंदर जवाब मांगा।

कमलनाथ के ठीक बाद भाजपा नेता बिसाहूलाल सिंह भी अपने प्रतिद्वंदी उम्मीदवार की पत्नी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में विवादों में घिर गए। एक वायरल वीडियो क्लिप में अनूपपुर से भाजपा उम्मीदवार बिसाहूलाल प्रतिद्वंदी की पत्नी को ‘रखैल’ कहते सुने जा सकते हैं। बिसाहूलाल इसमें कांग्रेस उम्मीदवार के नामांकन पत्रों पर सवाल उठाते हुए कहते हैं कि उसने अपनी पहली पत्नी का नहीं, बल्कि रखैल का नाम लिखवाया है।

बिसाहूलाल की इस टिप्पणी पर राज्य महिला आयोग ने उनसे जवाब मांगा है। इसके अलावा राज्य कांग्रेस ने चुनाव आयोग में शिकायत भी दर्ज कराई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के लीगल हेड जेपी धनोपिया का कहना है कि बिसाहूलाल ने पहले भी चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन किया, पर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजेदार बात यह है कि बिसाहूलाल भी सिंधिया कैंप के नेता हैं और फरवरी में ही कमलनाथ सरकार गिराने के लिए कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।

कुछ दिनों पहले ही बिसाहूलाल की एक और वीडियो क्लिप वायरल हुई, जिसमें वे अनूपपुर के पूर्व कांग्रेस प्रमुख जयप्रकाश अग्रवाल को धमकाते दिख रहे हैं। इसमें बिसाहूलाल कहते हैं- “तीन नवंबर (मतदान की तारीख) के बाद जो उसकी दुर्दशा करुंगा वो कोई नहीं कर सकता। मैं उसे रास्ते पर ले आऊंगा।”

हफ्तेभर पहले ही एक रैली के दौरान भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को चुन्नु-मुन्नु करार दिया था। उन्होंने कहा था कि यह दोनों नेता अपनी बैठक और रैलियों के लिए 100 से ज्यादा लोगों को नहीं जुटा सकते। इसके बाद कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने इंदौर के सांवेर सीट से प्रत्याशी प्रेमचंद गुड्डु के लिए प्रचार के दौरान विजयवर्गीय पर हमला करते हुए कहा था- “क्या आप वो दिन भूल गए, जब आप अपने हाथों में चूड़ियां पहना करते थे, साड़ी लपेटते थे, नथ पहनते थे और मुख्यमंत्री बनने की ख्वाहिश के साथ भगवान से प्रार्थना करते थे।”

सज्जन सिंह वर्मा यहीं नहीं रुके। उन्होंने विजयवर्गीय को रावण बताते हुए कहा कि उनकी नाक बढ़ने लगी है। जैसे दशहरा करीब आ रहा है, वे रावण की तरह दिखने लगे हैं। इसके अलावा राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री और भाजपा नेता मोहन यादव ने अगर-मालवा इलाके में एक रैली के दौरान कहा था कि वे सम्मान की राजनीति करते हैं, लेकिन अगर कोई कुछ बुरा करने की कोशिश करता है, तो हम उसे घर से निकाल कर दफन कर देंगे।

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