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कम्प्यूटर बाबा ने नर्मदा परिक्रमा के लिए मध्य प्रदेश सरकार से मांगा हेलिकॉप्टर, बोले- आधुनिक अस्त्र-शस्त्र भी चाहिए

कमलनाथ सरकार ने विवादित धार्मिक कार्यसमिति को 10 मार्च को नर्मदा, शिप्रा और मंदाकिनी नदियों के ट्रस्ट का चेयरमैन बनाया था, लेकिन उन्होंने ड्यूटी ज्वॉइन नहीं की।

Author भोपाल | June 5, 2019 8:09 AM
कम्प्यूटर बाबा उर्फ नामदेव दास त्यागी। फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस

कम्प्यूटर बाबा उर्फ नामदेव दास त्यागी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। बताया जा रहा है कि मंगलवार (4 जून) को उन्होंने मध्य प्रदेश सचिवालय ज्वॉइन किया। इसके चंद मिनट बाद ही उन्होंने नर्मदा परिक्रमा के लिए मध्य प्रदेश सरकार से हेलिकॉप्टर की मांग की। साथ ही, कहा कि अगर नदियों को बचाना है तो उन्हें आधुनिक अस्त्र-शस्त्र की भी जरूरत होगी।

10 मार्च को सौंपी गई थी जिम्मेदारी: बता दें कि कमलनाथ सरकार ने कम्प्यूटर बाबा की अध्यक्षता वाली विवादित धार्मिक कार्यसमिति को 10 मार्च को नर्मदा, शिप्रा और मंदाकिनी नदियों के ट्रस्ट का चेयरमैन बनाया था, लेकिन उन्होंने ड्यूटी ज्वॉइन नहीं की। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की मौजूदगी में मंगलवार को कम्प्यूटर बाबा ने धार्मिक अनुष्ठान करने की सूचना दी। इस दौरान राज्य के कानून मंत्री पीसी शर्मा के अलावा कुछ धार्मिक समितियों के पदाधिकारी मौजूद थे। बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान कम्प्यूटर बाबा ने दिग्विजय सिंह के लिए प्रचार भी किया था।

शिवराज सिंह सरकार पर लगाया आरोप: सचिवालय पहुंचने के कुछ देर बाद ही कम्प्यूटर बाबा ने दिग्विजय सिंह से उन्हें सप्ताह भर में हेलिकॉप्टर दिलाने की मांग की। कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि हेलिकॉप्टर से वह नदी का निरीक्षण करेंगे और ग्राउंड वर्क शुरू करेंगे। हेलिकॉप्टर की मांग करने से पहले उन्होंने शिवराज सिंह चौहान की पिछली सरकार पर नर्मदा किनारे पौधे लगाने में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया। साथ ही, मामले की जांच कराने की घोषणा भी की।

हेल्पलाइन शुरू करने की भी घोषणा: इस दौरान कम्प्यूटर बाबा ने एक हेल्पलाइन शुरू करने की घोषणा की, जिस पर अवैध खनन से संबंधित शिकायतें सुनी जाएंगी। उन्होंने कहा कि पवित्र नदी को बचाने के लिए नर्मदा सेना गठित की जाएगी, जिसमें गांवों के युवाओं को शामिल किया जाएगा।

शिवराज सरकार में राज्यमंत्री रह चुके हैं कम्प्यूटर बाबा: बता दें कि करीब एक साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नदी की सफाई व कायाकल्प के लिए एक पैनल बनाया था, जिसमें कम्प्यूटर बाबा को नियुक्त किया गया था। साथ ही, उन्हें राज्यमंत्री के दर्जे से भी नवाजा गया था। हालांकि, मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान कम्प्यूटर बाबा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस के खेमे में चले गए। उस दौरान उन्होंने शिवराज सरकार को नास्तिक बताया था। वहीं, जब कमलनाथ सरकार ने शपथ ली थी, तब कम्प्यूटर बाबा भी मंच पर मौजूद थे। अपने संक्षिप्त भाषण में उन्होंने गोमाता व संतों का साथ छोड़ने को लेकर पिछली सरकार पर निशाना साधा था।

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