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पुलिस कह रही कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी के खिलाफ कोई सबूत नहीं, फिर भी हैं जेल में बंद, बीजेपी MLA के बेटे ने की है शिकायत

मुनव्वर फारूकी की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के सामने पुलिस ने केस डायरी ही नहीं पेश की, इसके चलते सुनवाई की अगली तारीख 25 जनवरी तय की गई है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र इंदौर | Updated: January 16, 2021 9:31 AM
Munawar Faruqui, Indoreमुनव्वर फारूकी को 1 जनवरी को इंदौर पुलिस ने भाजपा विधायक एकलव्य गौड़ (बाएं) की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया था।

हिंदू देवी-देवताओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में हास्य कलाकार मुनव्वर फारुकी की जमानत याचिका पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में शुक्रवार को केस डायरी के अभाव में सुनवाई आगे बढ़ा दी गई। उनकी याचिका पर अब 25 जनवरी को सुनवाई हो सकती है। इंदौर पुलिस का कहना है कि राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा की एक स्थानीय विधायक के बेटे की शिकायत पर गिरफ्तारी के बाद फारुकी के साथ छह अन्य युवा पखवाड़े भर से यहां न्यायिक हिरासत के तहत केंद्रीय जेल में कैद हैं। उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर पुलिस को अब तक कोई सबूत नहीं मिले हैं।

युवा हास्य कलाकार की जमानत याचिका पर उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति रोहित आर्य के सामने शुक्रवार को दलीलें पेश की जानी थीं। लेकिन केस डायरी के अभाव में सुनवाई आगे बढ़ा दी गई। मुनव्वर फारूकी के साथ-साथ जो छह अन्य लोग जेल में बंद हैं, उनमें एक शो के ऑर्गनाइजर का भाई है, जो कि ऑडियंस में शामिल था। दूसरा व्यक्ति फारूकी का दोस्त है, जिसका कार्यक्रम से कोई लेना-देना नहीं था। एक तीसरा व्यक्ति और है जिसके परिवार में सिर्फ छोटा भाई है।

बता दें कि फारूकी को 1 जनवरी को धार्मिक भावनाएं आहत करने के लिए इंदौर में गिरफ्तार किया गया था। उसके साथ नलिन यादव, प्रखर व्यास, प्रियम व्यास और एडविन एंथनी नाम के चार और लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने यह कदम भाजपा विधायक मालिनी गौड़ के बेटे एकलव्य गौड़ की शिकायत के बाद उठाया था। इसके एक दिन बाद ही पुलिस ने फारूकी से कोर्ट में मिलने आए एक दोस्त सदाकत खान को भी गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विवादास्पद कार्यक्रम को लेकर पांचों लोगों को भारतीय दंड विधान की धारा 295-ए (किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से जान-बूझकर किए गए विद्वेषपूर्ण कार्य), धारा 298 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जान-बूझकर कहे गए शब्द) और अन्य सम्बद्ध प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया था।

फारुकी के वकील अंशुमान श्रीवास्तव ने बताया कि हास्य कलाकार को जमानत पर रिहा किए जाने के पक्ष में वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये उच्च न्यायालय में शुक्रवार को दलील पेश करने वाले थे। श्रीवास्तव ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा, “उच्च न्यायालय परिसर से तुकोगंज पुलिस थाना चंद कदमों की दूरी पर है। ऐसे में बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि फारुकी की जमानत याचिका पर सुनवाई के वक्त पुलिस की ओर से केस डायरी तुरंत उपलब्ध नहीं कराई गई।”

बता दें कि बीते 15 दिनों में जिला अदालत के एक मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और इसके बाद एक सत्र न्यायाधीश फारुकी की जमानत अर्जियां दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद खारिज कर चुके हैं।

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