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साइबर कैफे वालों की लूट से बचने के लिए कालेजों में आनलाइन फार्म भरने का इंतजाम

जानकारी के मुताबिक आन लाइन फार्म भरने में आ रही दिक्कतों के समाधान के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय ने डेढ दर्जन कालेजों में कांप्यूटर और नेट की ब्यवस्था की है जहां से छात्र अपना फार्म आन लाइन भर सकते हैं।

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दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में दाखिले के चाह रखने वाले छात्रों को साइबर कैफे वालों की मार झालनी पड़ रही है। आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरने के लिए साइबर कैफे की ओर से काफी पैसे मांगने का रोना रो रहे छात्र-अभिभावक खुले सत्र में मामले को उठा रहे हैं। हेल्पडेस्क की मदद ले रहे हैं। करना न होगा कि डीयू में प्रवेश की प्रक्रिया इस बार पूरी तरह आॅनलाइन है। और सवा लाख फार्म जामा हो चुके हैं। लेकिन अभी न्यूनवर्ग और पिछड़े ईलाके में रहने वाले छात्र परेशान हैं। अरविंदों कालेज में लगे खुले सत्र में कई छात्र अभिभावकों ने कहा कि साइबर कैफे अ‍ॅनलाइन फॉर्म भरने के लिए 500 रुपए तक मांग रहे हैं। जरूरी दस्तावेज स्कैन करने के अलग से पैसे ले रहे हैं। परेशान छात्र और उनके माता पिता उलझन में हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का सुझाव है कि छात्र अब किसी साईबर कैफे में न जाएँ। वे नजदीक के उन कालेजों में पहुंचे क्योंकि इन्हीं शिकायतों के मद्देनजर अब डेढ़ दर्जन से ज्यादा कालेजों में फार्म भरवाने की सुविधा दे दी गई है। शुरू में यह केवल चार कालेजों में ही थी।

जानकारी के मुताबिक आन लाइन फार्म भरने में आ रही दिक्कतों के समाधान के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय ने डेढ दर्जन कालेजों में कांप्यूटर और नेट की ब्यवस्था की है जहां से छात्र अपना फार्म आन लाइन भर सकते हैं। छात्रों की सहुलियतों के लिए यहां कार्यसेवक तैनात किए गए हैं जो उन्हें सहायता करेगें। सनद रहे कि साइबर कैफे में छात्रों से ज्यादा धन वसूली की शिकायतें लगातार मिल रहीं थी। सुले सत्र मेंं भी इस बाबत सबसे ज्यादा जिज्ञासाएं सामने आईं थी। इससे लेकर चार दिन पहले इंटरनेट और कंप्यूटर तक पहुंच नहीं होने और साइबर कैफे की ओर से ज्यादा कीमत वसूले जाने के दावों के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों ने दाखिले के इच्छुक छात्रों की मदद के लिए अपना कुछ कंप्यूटर लैब खोला था। इसमें दीन दयाल उपाध्याय (कर्मपूरा) , जानकीदेव कॉलेज (गंगाराम अस्पताल मार्ग), आईपी कॉलेज फोर वुमन (बस अड्डा)जैसे विभिन्न कॉलेज दाखिले के इच्छुक छात्रों को अपने कंप्यूटर लैब के उपयोग की अनुमति दे दी। दरअसल विश्वविद्यालय के अधिकारियों के सामने आॅनलाइन प्रक्रिया की तकनीकियों को लेकर सबसे ज्यादा सवाल पूछे जा रहे हैं वहीं विभिन्न राजनीतिक दलों की छात्र इकाइयों ने डीयू पर कमजोर पृष्ठभूमि से आने वालों और कंप्यूटर एवं इंटरनेट की सीमित पहुंच पर विचार किए बिना फैसला लेने का आरोप लगाया।

बहरहाल अब दिल्ली विश्वविद्यालय के जिन कालेजों में जाकर साइबर केफै से बेहतर सुविधा पाई जा सकती है। उनमें आचार्य नरेंद्र देव कालेज (गोविंदपुरी),आदिति कालेज (बवाना), एनएनडीसी (धौलाकुआं), दिल्ली कालेज आफ आर्ट एंड कालेज (नेताजी नगर), देशबंधु कालेज (कालकाजी),दयाल सिंह कालेज (लोदी रोड), हिंदू कालेज(नार्थ कैंपस), जेसस एंड मेरी (चाणक्यपूरी), केशव महाविद्यालय (पीतमपुरा),लेडी श्रीराम कालेज (लाजपत नगर),लक्षमीबाई कालेज (अशोक विहार), महाराजा अग्रसेन कालेज (वसुंधरा एंक्लेव), रामानुजन कालेज (कालकाजी),शहीद सुखदेव कालेज (विवेक विहार), शिवाजी कालेज (राजा गार्डन), श्यामलाल कालेज (शाहदरा) शामिल हैं। यहां कम से कम छह और अधिक से अधिक 40 कंप्युटरों के नेट सुविधा से जोड़ छात्रों की सुविधा के लिए तैयार रखा जा रहा है। यहां वोलेंटियरों की देख रेख में छात्र डीयू में आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ज्यादातक कालेजों में यह सुविधा सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक है लेकिन कुछ कालेजों में शाम साढे पांच बजे तक यह सुविधा दी जा रही है। यह प्रक्रिया 19 जून तक चलेगी। पहला कटआफ 27 जून को आएगा।

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