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रायपुर के कलेक्‍टर भाजपा से जुड़ेंगे, पार्टी लड़ाएगी विधानसभा चुनाव

रायपुर के कलेक्टर ओपी चौधरी भाजपा में शामिल होंगे। उन्हें 'युवा चेहरे' के तौर पर प्रोजेक्ट किया जाएगा। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

Author Updated: August 23, 2018 1:13 PM
bjp, Delhi bjp, tv debate, Amit shah, Bharatiya Janata Party, Hindi news, News in Hindi, Jansattaतस्वीर का प्रयोग प्रतीक के तौर पर किया गया है। (फाइल फोटो)

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव में अब मात्र कुछ महीने बांकि हैं। सभी पार्टियां चुनावी मोड में आ चुकी है। इस बीच बड़ी खबर यह है कि राजधानी रायपुर के कलेक्टर ओपी चौधरी जो कि 2005 बैच के आइएएस ऑफिसर हैं, भाजपा में शामिल होंगे। पार्टी उन्हें विधानसभा चुनाव लड़वाएगी। कई सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को इस खबर की पुष्टि की। बताया कि करीब दो महीनों से बातचीत जारी है। चौधरी जल्द ही भाजपा में शामिल होंगे। सूत्रों ने बताया कि, “उन्हें उनके गृह जिले रायगढ़ से आगामी विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया जा सकता है।”

इस बाबत भाजपा के वरिष्ठ नेता सचिदानंद उपासने ने कहा, “अभी तक इस बारे में किसी तरह की आधिकारिक सूचना नहीं है। लेकिन यदि कोई पार्टी में शामिल होना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है।” हालांकि, पार्टी के कई नेताओं ने निजी तौर पर इस बात की पुष्टि किया कि चौधरी भाजपा में शामिल होंगे। उन्हें ‘युवा चेहरे’ के तौर पर प्रोजेक्ट किया जाएगा। इस बारे में इंडियन एक्सप्रेस ने जब ओपी चौधरी से बात करने की कोशिश की तो फोन और मैसेज का कोई जवाब नहीं दिया गया। वहीं, इस पूरे मामले पर कांग्रेस प्रवक्ता शैलेष नितिन त्रिवदी का कहना है, “भाजपा अपने गलत कार्यों के लिए अपने कार्यालय में नौकरशाहों का इस्तेमाल कर रही है। यदि इस तरह के अधिकारी राजनीति के क्षेत्र में आना चाहते हैं और लड़ना चाहते हैं तो हम उनका स्वागत करते हैं। कांग्रेस उनका मुकाबला करेगी।”

 

ओपी चौधरी रायगढ़ के बयांग गांव के रहने वाले हैं और वे एक  किसान परिवार से आते हैं। उन्हें अघरिया समुदाय का रोल मॉडल भी माना जाता है और जिला में काफी प्रभाव है। उन्हें दंतेवाड़ा को ‘शिक्षा शहर’ के रूप में निर्माण का श्रेय दिया जाता है। उस समय वे दंतेवाड़ा के कलेक्टर के रूप में तैनात थे। लोक प्रशासन के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए प्रधानमंत्री द्वारा पुरस्कृत भी किया गया था। रायपुर में उन्हें नालंदा परिसर के नेतृत्वकर्ता का श्रेय दिया गया। यह नालंदा परिसर छत्तीसगढ़ की राजधानी में चौबीसों घंटे काम करने वाला पहला कम्यूनिटी लर्निंग सेंटर है।

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