ताज़ा खबर
 

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के खिलाफ कांग्रेस ने चलाया हस्ताक्षर अभियान

पेट्रोल व डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और वैट बढ़ाए जाने के कारण इनके दामों में बेहताशा वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस ने एक हस्ताक्षर अभियान चलाया।

Author नई दिल्ली | June 7, 2016 3:22 AM
पेट्रोल व डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और वैट बढ़ाए जाने के कारण इनके दामों में बेहताशा वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस ने एक हस्ताक्षर अभियान चलाया।

पेट्रोल व डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और वैट बढ़ाए जाने के कारण इनके दामों में बेहताशा वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस ने एक हस्ताक्षर अभियान चलाया है। इसके तहत 10 लाख उपभोक्ताओं से हस्ताक्षर करवाने का लक्ष्य रखा गया है। तीन दिन के हस्ताक्षर अभियान के पहले दिन सोमवार को प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के 300 पेट्रोल पंपों पर 3.8 लाख उपभोक्ताओं से हस्ताक्षर करवाया। यह अभियान बुधवार तक चलाया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धि मोदी और केजरीवाल के टैक्स के कारण हुई है।

इसके अंतर्गत एक्साइज ड्यूटी और वैट में कई बार वृद्धि की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से कराए जाने वाले 10 लाख हस्ताक्षर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिए जाएंगे और उनसे एक्साइज ड्यूटी व वैट को वापस लेने के लिए कहा जाएगा ताकि पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी आ सके और दिल्लीवासियों को राहत मिल सके। अजय माकन ने सोमवार के हस्ताक्षर अभियान के पहले दिन दिल्ली के कई पेट्रोल पंपों पर जाकर इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में बैनर व प्लेकार्ड लेकर पेट्रोल पंपों के बाहर लोगों को पंपलेट बांट रहे थे और उनको पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी के कारणों के प्रति जागरूक कर रहे थे। माकन ने कहा कि एक्साइज ड्यूटी और वैट में बार-बार की गई बढ़ोतरी के कारण पेट्रोल व डीजल के दाम आसमान छू रहे है।

उन्होंने कहा कि अगर मोदी और केजरीवाल सरकार इन टैक्सों को हटा दे तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के हिसाब से दिल्ली में पेट्रोल 38 रुपए प्रति लीटर और डीजल 30 रुपए प्रति लीटर हो जाएगा। केंद्र की मोदी सरकार और दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और वैट भारी मात्रा में लगा रखा है, इस कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बावजूद लोगों को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है।

माकन ने कहा कि टैक्स के कारण लोगों को 100 रुपए के पेट्रोल पर 54 रुपए ज्यादा देने पड़ रहे हैं, जबकि आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 58 डॉलर प्रति बैरल हो गए हैं। कांग्रेस के कार्यकाल में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 108 डॉलर प्रति बैरल थे, उस समय उपभोक्ताओं को 100 रुपए के पेट्रोल पर केवल 31 रुपए टैक्स देना पड़ता था।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बड़ी-बड़ी बातें किया करते थे कि दिल्ली में टैक्स बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है जबकि उन्होंने अपने 15 महीने के कार्यकाल में ही लोगों पर अतिरिक्त भार डालते हुए पेट्रोल-डीजल पर दो बार वैट बढ़ाया है। केंद्र के साथ उनकी कभी न खत्म होने वाली लड़ाई के कारण दिल्ली में आज जंगलराज हो गया है और विकास के काम ठप पड़े है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App