scorecardresearch

संतरे से भरे ट्रक में मिले 1476 करोड़ के नशीले पदार्थ, डीआरआई ने की कार्रवाई, 9 किलो कोकीन भी शामिल

Mumbai News: नशीली दवाओं की तस्करी में शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी है।

संतरे से भरे ट्रक में मिले 1476 करोड़ के नशीले पदार्थ, डीआरआई ने की कार्रवाई, 9 किलो कोकीन भी शामिल
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit – freepik.com)

Mumbai News: राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) मुंबई ने नवी मुंबई के वाशी में आयातित संतरे ले जा रहे एक ट्रक को रोकने के बाद 198 किलोग्राम उच्च शुद्धता क्रिस्टल मेथामफेटामाइन (बर्फ) और 9 किलोग्राम उच्च शुद्धता वाली कोकीन बरामद की है। जिसकी कीमत करीब 1476 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। यह देश में एम्फ़ैटेमिन और कोकीन की सबसे महत्वपूर्ण बरामदगी में से एक है। खुफिया सूचनाओं के आधार पर 10-12 दिनों से इस मामले की निगरानी की जा रही थी।

डीआरआई अधिकारियों की एक टीम ने शुक्रवार देर रात वाशी में आयातित वालेंसिया संतरे की प्रतिबंधित खेप के साथ एक ट्रक को रोका। गहन जांच करने पर वालेंसिया संतरे के डिब्बों में बड़ी मात्रा में अवैध ड्रग्स छिपा हुआ पाया गया। उक्त ट्रक वाशी में प्रभु हीरा आइस एंड कोल्ड स्टोरेज पर सामान लदा हुआ छोड़ गया था।

यह एक नई तरह की कार्यप्रणाली है, जिसमें दक्षिण अफ्रीका से आयातित वेलेंटिया संतरे के बक्से में दवाओं को छिपाना शामिल है। सीमा शुल्क क्षेत्र से ऐसे संतरों की निकासी के बाद माल वाशी के कुछ कोल्ड स्टोरेज में जमा हो जाता था।

इस संबंध में माल के आयातक को पकड़ लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। नशीली दवाओं की तस्करी में शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए आगे की तलाशी अभियान जारी है।

डीआरआई की मुंबई शाखा की ओर से बताया गया है कि उक्त बरामदगी के बाद आगे की जांच की जा रही है। वालेंसिया संतरे ले जाने वाले डिब्बों में बड़ी मात्रा में दवाएं छिपाईं गईं थीं। माल के आयातक को पकड़ लिया गया है, और उससे पूछताछ की जा रही है।

मेथामफेटामाइन ड्रग क्या है ?

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑन ड्रग अब्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक मेथामफेटामाइन एक बेहद ही शक्तिशाली ड्रग है जिसके सेवन से लोगों में इसका एडिक्शन बढ़ता। इस ड्रग का असर हमारे सेंट्रल नर्वस सिस्टम यानी तंत्रिका तंत्र पर पड़ता है। यह क्रिस्टल मेथामफेटामाइन ड्रग एक कांच के टुकड़े जैसा चमकदार दिखता है। इस ड्रग का रासायनिक रूप से इस्तेमाल अटैंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD), नार्कोलेप्सी और स्लीप डिसऑर्डर के इलाज के लिए किया जाता है। चूंकि इसका रासायनिक प्रभाव एम्फ़ैटेमिन के समान है। धीरे-धीरे लोग इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं जिसका प्रभाव खतरनाक हो सकता है।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑन ड्रग एब्यूज(NIDA) के मुताबिक मेथामफेटामाइन ड्रग के सेवन के बाद इसका सीधा असर व्यक्ति दिमाग पर होता है। दरअसल जैसे ही इसका सेवन करते हैं यह शरीर के अंदर प्रवेश कर ब्रेन में नैचुरल केमिकल डोपामाइन की मात्रा को बढ़ा देता है। डोपामाइन हॉर्मोन्स के रिलीज होने पर व्यक्ति खुद को खुश महसूस करता है।

पढें राज्य (Rajya News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

First published on: 01-10-2022 at 08:28:21 pm
अपडेट