मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गुमराह करने वाले वीडियो के ज़रिए स्कूल और कॉलेज के बारे में गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए। गुमराह करने वाली जानकारी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि मिड-डे मील और लड़के-लड़कियों के टॉयलेट की हालत के बारे में मौके पर जाकर जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को बेहतर सुविधाएं और पढ़ाई का माहौल मिलना चाहिए।

सीएम योगी ने जिलाधिकारियों से स्कूलों का रेगुलर इंस्पेक्शन करने को कहा। उन्होंने राज्य सरकार के सीनियर अधिकारियों और फील्ड में तैनात अधिकारियों की एक मीटिंग में ये निर्देश दिए। हाल ही में जिला शिक्षा अधिकारियों ने राज्य भर के सरकारी प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों में यूट्यूबर्स समेत बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे, ताकि पढ़ाई-लिखाई की गतिविधि आसानी से चलती रहे।

सीजेपी के अभियान के बाद लिया फैसला

यह कदम यूपी के कुछ सरकारी स्कूलों में छात्रों को खराब क्वालिटी का मिड-डे मील दिए जाने के वायरल वीडियो की एक सीरीज़ के बाद उठाया गया। ये निर्देश CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के देश भर में ‘स्कूल ठीक करो’ कैंपेन के साथ-साथ सोशल मीडिया पर सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए चलाए गए थे। साथ ही पिछले दो हफ़्तों में UP के अलग-अलग हिस्सों में खराब स्कूल सुविधाओं को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन भी इसी समय हुए थे।

बाद में उत्तर प्रदेश में कई जिला शिक्षा अधिकारियों ने अपने पहले के ऑर्डर में बदलाव किया और रिवाइज्ड सर्कुलर जारी किए, जिसमें स्कूलों को निर्देश दिया गया कि वे अभिभावकों और स्कूल मैनेजमेंट कमिटी के अधिकारियों को स्कूल आने दें और अपने बच्चों के संस्थान और प्रोग्रेस से जुड़ी कोई भी डिटेल्स पूछें।

मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

बुधवार को जारी एक पत्र में चीफ सेक्रेटरी एस पी गोयल ने डिविजनल कमिश्नरों और जिलाधिकारियों को सरकारी स्कूलों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, साफ-सफाई और पढ़ाई की सुविधाएं पक्का करने और स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के साथ रेगुलर बातचीत बनाए रखने का निर्देश दिया। बारिश के मौसम में पानी भरने और साफ-सफाई की दिक्कतों को देखते हुए चीफ सेक्रेटरी ने अधिकारियों को स्कूल कैंपस में खास सफाई अभियान चलाने और टॉयलेट में पानी की मौजूदगी, रेगुलर पढ़ाई, किचन शेड और बिजली के इक्विपमेंट चालू रखने का निर्देश दिया।

अधिकारियों को दूसरे डिपार्टमेंट के साथ मिलकर स्कूलों तक रोड कनेक्टिविटी बेहतर करने, ड्रेनेज की व्यवस्था करने और स्कूल बिल्डिंग के ऊपर से गुज़रने वाली हाई-टेंशन/लो-टेंशन बिजली की लाइनों को सुरक्षित तरीके से हटाने का निर्देश दिया गया। एसपी गोयल ने अधिकारियों से राज्य भर के बेसिक और सेकेंडरी एजुकेशन इंस्टीट्यूशन में उपायों को लागू करने और उनकी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। निर्देशों में स्कूलों में साफ़ पीने का पानी, लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग टॉयलेट, हाथ धोने की सुविधा, चालू बिजली कनेक्शन और उपकरण, किचन शेड, बाउंड्री वॉल और मिड-डे मील किचन सुनिश्चित करना शामिल है।

पीएम पोषण योजना पर फोकस

पीएम पोषण स्कीम के तहत अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि छात्रों को रेगुलर अच्छी क्वालिटी का खाना मिले। पत्र में अधिकारियों को सोशल मीडिया और दूसरे प्लेटफॉर्म से मिली शिकायतों को तुरंत वेरिफाई करने और गलत जानकारी फैलाने वाले अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है।

संजय सिंह ने क्या कहा?

इस बीच X पर कई पोस्ट में आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने दावा किया कि चल रहे ‘स्कूल ठीक करो’ कैंपेन ने अयोध्या जिले के सरकारी स्कूलों की हालत को उजागर कर दिया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के लोगों से अपील की कि वे अपने आस-पास के किसी सरकारी स्कूल की खराब हालत का वीडियो बनाएं और उसे दिए गए फ़ोन नंबर पर भेजें। एक और पोस्ट में संजय सिंह ने सुल्तानपुर के सोनूपारा जयसिंहपुर के एक प्राइमरी स्कूल की कथित फोटो शेयर की। उनकी पोस्ट में लिखा था कि AAP कार्यकर्ताओं ने स्कूल का दौरा किया और खराब एजुकेशन सिस्टम को उजागर करने का दावा किया।

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राजस्थान सरकार ने छात्रों की निजता का हवाला देते हुए सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश और फोटो-वीडियो लेने पर प्रतिबंध लगा दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।