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केरल में एक साल तक के लिए कोरोना सेफ्टी गाइडलाइंस अनिवार्य, कबीना मंत्री ने चेताया- ‘सक्रिय ज्वालामुखी’ पर बैठी है राजधानी

नए नियम 'Kerala Epidemic Disease Corona Virus Disease (Covid-19) Additional Regulations, 2020’ के तौर पर जाने जाएंगे और ये जुलाई 2021 तक या सरकार के अगले निर्देश तक रहेंगे।

Coronavirus, COVID-19, Kerala COVID-19 Safety Guidelinesकोच्चि के अर्नाकुलम शिव मंदिर में हाथ सैनिटाइज कराते भक्त। (फाइल फोटोः पीटीआई)

COVID-19 संकट के मद्देनजर केरल में मुख्यमंत्री पिनरई विजयन के नेतृत्व वाली सरकार ने रविवार को बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने एक साल तक के लिए कोरोना वायरस से जुड़े सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। यानी अब इन गाइडलाइंस का पालन सूबे में हर किसी को पूरे साल भर तक करना पड़ेगा।

नए नियम ‘Kerala Epidemic Disease Corona Virus Disease (Covid-19) Additional Regulations, 2020’ के तौर पर जाने जाएंगे और ये जुलाई 2021 तक या सरकार के अगले निर्देश तक रहेंगे। जिला कलेक्टरों को भी इन्हीं नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य सरकार ने इसी के साथ साफ कहा है कि जो भी नियमों का पालन नहीं करेगा, उसे Kerala Epidemic Diseases Ordinance, 2020 के प्रावधानों के तहत सजा दी जाएगी। जानें, गाइडलाइंस में क्या-क्या है शामिल?:

– सार्वजनिक स्थलों/कार्यस्थलों पर सभी को फेस मास्क/फेस कवर पहनना होगा।
– सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।
– शादी से जुड़े कार्यक्रमों में अधिकतम 50 लोग ही बुलाए जा सकेंगे।
– गैर-कोरोना वाले अंतिम संस्कारों में महज 20 लोगों को जाने की अनुमति होगी।
– दुकानों और कमर्शियल जगहों पर एक वक्त पर 20 से अधिक लोगों को रहने/आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कमरे या जगह के हिसाब से यह संख्या तय होगी। साथ ही वहां उस दौरान छह फुट की सामाजिक दूरी का पालन भी करना होगा।
– सार्वजनिक स्थलों, सड़कों और फुटपाथ पर खुले में थूंकना सख्त मना रहेगा।
– अंतर्राज्यीय यात्रा के लिए पास की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि, उन्हें Jagratha ई-प्लैटफॉर्म पर खुद को रजिस्टर करना होगा।

 

इसी बीच, केरल के कैबिनेट/पर्यटन मंत्री कदकमपल्ली सुरेंद्र ने बढ़ते कोरोना के मामलों को लेकर कहा है कि तिरुवनंतपुरम (सूबे की राजधानी) जिला सक्रिय ज्वालामुखी पर बैठा है। ऐसा इसलिए, क्योंकि अभी तक यहां कम्युनिटी स्प्रेड नहीं हुआ है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेताते हुए कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि जिले में कम्युनिटी ट्रांसमिशन हो नहीं सकता।

बता दें कि केरल में भारत का सबसे पहला कोरोना का केस आया था। यह जनवरी की बात है। हालांकि, एक्सपर्ट्स की मानें तो कोरोना को काबू करने में सबसे सफल सूबों में केरल भी गिना जाता है।

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