Tamil Nadu Elections: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) गठबंधन के पक्ष में धुआंधार प्रचार किया। 19 अप्रैल को तमिलनाडु पहुंचे डॉ. यादव ने नमक्कल और तिरुपुर जिलों में जनसभाओं को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों डीएमके और कांग्रेस, पर जमकर प्रहार किए। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि इस बार भ्रष्टाचारियों और लुटेरों की सरकार को उखाड़ फेंकने का समय आ गया है।

नमक्कल की रासीपुरम विधानसभा में डॉ. प्रेमकुमार के समर्थन में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके, कांग्रेस और टीएमसी जैसे दलों ने इस अधिनियम को लागू करने में सिर्फ इसलिए रोड़ा अटकाया क्योंकि वे नहीं चाहते कि तमिलनाडु में स्वर्गीय जयललिता जैसी कोई दूसरी ‘अम्मा’ उभरकर सामने आए। डॉ. यादव ने कहा कि विपक्ष को डर है कि कहीं किसी गरीब या किसान की बेटी विधानसभा और लोकसभा के जरिए शीर्ष पदों तक न पहुंच जाए।

परिवारवाद और भ्रष्टाचार पर तीखा हमला

मुख्यमंत्री ने सत्तारूढ़ डीएमके को “लुटेरों की सरकार” करार दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में तमिलनाडु में भ्रष्टाचार, माफिया और अपराधियों का बोलबाला है। उन्होंने जनता को याद दिलाया कि डीएमके और कांग्रेस केवल अपने परिवारों का भला करने में विश्वास रखते हैं और गरीबों का हक मारते हैं। डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि रासीपुरम की जनता आज भी बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, जो डीएमके सरकार की नाकामी का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री मोदी के दिल में बसता है तमिलनाडु

सीएम डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमिल प्रेम को रेखांकित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा तमिलनाडु का मान बढ़ाया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति बनाकर प्रदेश को सम्मान दिया गया। निर्मला सीतारमण और एस. जयशंकर जैसे दिग्गज मंत्रियों के जरिए तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व वैश्विक स्तर पर मजबूत हुआ। नई संसद में ‘सेंगोल’ की स्थापना कर तमिल संस्कृति को सर्वोच्च सम्मान दिया गया। अब डॉक्टर और इंजीनियरिंग की पढ़ाई तमिल भाषा में संभव हो पा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं को बड़ा अवसर मिला है।

सनातन और सांस्कृतिक विरासत का मुद्दा

अविनाशी विधानसभा में डॉ. एल. मुरुगन के समर्थन में रोड शो के दौरान डॉ. यादव ने तमिलनाडु को ‘मंदिरों की राजधानी’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कोई सनातन पर्व आता है, डीएमके सरकार कर्फ्यू लगाकर भक्तों पर डंडे बरसाती है। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल और रामेश्वरम महादेव के आशीर्वाद से भारत अब विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और तमिलनाडु इस विकास यात्रा का एक अहम भागीदार है।

केले के पत्ते पर भोजन और दक्षिण भारतीय परिधान

प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री का एक अलग और आत्मीय अंदाज भी देखने को मिला। उन्होंने पूरी तरह दक्षिण भारतीय रंग में रंगते हुए पारंपरिक परिधान (धोती और अंगवस्त्रम) पहना। इतना ही नहीं, उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ जमीन पर बैठकर पारंपरिक तरीके से केले के पत्ते पर हाथ से भोजन किया। उनके इस सरल अंदाज ने स्थानीय लोगों का दिल जीत लिया और सोशल मीडिया पर भी इसकी खासी चर्चा रही।

रोड शो और सभाओं में उमड़ी भीड़ को देखकर डॉ. मोहन यादव ने दावा किया कि तमिलनाडु में इस बार निश्चित रूप से कमल खिलेगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई परिवारवाद बनाम राष्ट्रवाद और नारी सम्मान की है, जिसमें तमिलनाडु की बहनें विरोधियों को करारा सबक सिखाएंगी।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का कांग्रेस को बताया महिला विरोधी, कहा- ‘बहनों के हक पर डाका डाला

‘महिला आरक्षण बिल न पास होने पर कांग्रेस ने उसका मजाक उड़ाया। कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी को शर्म आनी चाहिए। प्रियंका बड़ी-बड़ी बातें करती थीं, कहती थीं मैं लड़की हूं, लड़ सकती हूं। अब उनकी ये बड़ी-बड़ी बातें कहां गईं, जब बहनों के अधिकार का उन्होंने गला घोंट दिया। कांग्रेस ने आजादी के समय शुरू की अपनी परंपरा को निभाया। प्रियंका-राहुल के पिता ने भी तीन तलाक के कानून को लेकर बहनों के अधिकार पर डाका डाला था।’ यह बातें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहीं। पढ़िए पूरी खबर…