ताज़ा खबर
 

बागियों को सबक सिखाने में लगे सीएम हरीश रावत

हरीश रावत सरकार ने कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में गए पूर्व बागी कांग्रेसी विधायकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत।

हरीश रावत सरकार ने कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में गए पूर्व बागी कांग्रेसी विधायकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हरिद्वार जिले के रुड़की के पूर्व कांग्रेसी विधायक प्रदीप बत्रा के रुड़की में बन रहे व्यावसायिक परिसर को हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने सील कर दिया। इससे बत्रा और उनके समर्थकों में हड़कंप मच गया है।

रुड़की के मलकपुर चुंगी के पास पूर्व कांग्रेसी बागी विधायक प्रदीप बत्रा, उनकी पत्नी मनीषा बत्रा और उनके साझेदारों राम अग्रवाल, करुणा गोयल और रीशू गोयल मिल कर एक चार मंजिला व्यावसायिक परिसर बना रहे हैं। इसका लगभग 85 फीसद काम पूरा हो चुका है। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता जीसी भट्ट के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम ने मौके पर पहुंच कर प्रदीप बत्रा के इस परिसर में काम बंद करवा दिया और बेसमेंट से लेकर चौथी मंजिल तक तार की बाड़ लगा कर इसे सील कर दिया। प्रदीप बत्रा आजकल रुड़की में नहीं हैं। वे परिवार के साथ छुट्टियां मनाने विदेश गए हैं।

हरिद्वार के जिलाधिकारी हरवंश सिंह चुघ ने पत्रकारों को बताया कि बत्रा के इस व्यावसायिक परिसर में अवैध निर्माण को लेकर नोटिस दिए गए थे। लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर प्राधिकरण ने इस परिसर को सील करने की कार्रवाई की, जो कि नियमानुसार है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि हरीश रावत सरकार बदले की भावना से विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व बागी विधायकों के नेता हरक सिंह रावत की भी हरीश रावत सरकार ने घेराबंदी करवाते हुए उनकी एक जमीन को लेकर जांच शुरू करवा दी है। इस मामले को लेकर जल्दी ही राज्य सरकार हरक सिंह रावत के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक देहरादून के सहसपुर क्षेत्र के शंकरपुर में हरक सिंह रावत की जमीन की जांच का काम तेजी से चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस जमीन को लेकर कई अहम सुराग सरकारी जांच एजंसियों के हाथ लगे हैं। इस मामले में जांच अंतिम और निर्णायक दौर में है। हरीश रावत सरकार किसी भी वक्त जमीन घोटाले मामले हरक सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा सकती है।

सूत्रों के मुताबिक सरकारी एजंसियों को जमीन के दस्तावेजों में एक ही महिला के अलग-अलग दस्तखत होने के अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं। इस मामले की जांच एसआइटी के अलावा प्रशासनिक स्तर पर भी चल रही है। देहरादून के शंकरपुर में जिस जमीन की जांच चल रही है, उस पर हरक सिंह रावत के परिवार का नर्सिंग कॉलेज बन रहा है।

Next Stories
1 सुरेश प्रभु बोले- ट्रेनों की देरी को कम करने का प्रयास करें
2 DEAR पर हुए विवाद के लिए मीडिया को कोस रही थीं स्मृति ईरानी, बरखा दत्त ने दिया यह जवाब
3 पलायन पर विवाद: कैराना के बाद बीजेपी सांसद ने जारी की एक और जगह की लिस्‍ट, पुराने रुख से यू-टर्न भी लिया
ये पढ़ा क्या?
X