महाराष्ट्र में इन दिनों ऑटो, टैक्सी और कैब ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के मुद्दे पर बहस चल रही है। प्रवासी ड्राइवर इस आदेश का खासा विरोध कर रहे हैं। अब इस पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि ड्राइवरों को इस भाषा की थोड़ी-बहुत यानी कामकाजी जानकारी होनी चाहिए।
मराठी सीखने के पहले दो दिन में आरटीओ अधिकारियों ने मुंबई मेट्रोपॉलिटियन रीजन मे 8 हजार टैक्सी, ऑटो- रिक्शा चालकों पर मराठी भाषा न आने पर नोटिस दिए थे। अब गैर मराठी ड्राइवर इस आदेश की आलोचना कर रहे हैं।
सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगी- मुख्यमंत्री
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “हम राज्य में रह रहे अपने हिंदी भाषी भाइयों को मराठी भाषा का विशेषज्ञ नहीं बनाना चाहते, लेकिन उन्हें इस भाषा की कामकाजी जानकारी होनी चाहिए। उन्हें यह भाषा सिखाने की कोशिशें की जा रही हैं। भाषा सीखने की समय-सीमा अब तक तीन बार बढ़ाई जा चुकी है। हमारी महायुति सरकार भाषा के आधार पर किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगी।”
ड्राइवरों पर हो रही कार्रवाई
इधर मराठी न बोल पाने या समझ पाने वाले प्रवासी ड्राइवरों पर कार्रवाई हो रही है। इस कारण मुंबई के कांदिवली में ड्राइवरों ने ‘रास्ता रोको’ प्रदर्शन भी किया। उनका कहना है कि लोकल ड्राइवर उन्हें नियम लागू होने के बाद रोक रहे हैं और धमकी दे रहे हैं।
गैर-मराठी ड्राइवरों ने किया विरोध प्रदर्शन
यह विरोध प्रदर्शन सोमवार सुबह 9 बजे शुरू हुआ, इसमें भारी संख्या में गैर-मराठी ड्राइवर शामिल हुए। उन्होंने बताया कि कुछ मराठी लोग ड्राइवरों को रोक रहे थे और उन्हें भाषा सीखने की धमकी दे रहे।
जानकारी दे दें कि 20 अगस्त से प्रदेश भर में RTO अधिकारियों ने उन सभी प्रवासी ड्राइवरों को नोटिस देना शुरू कर दिया, जिन्होंने अभी तक मराठी भाषा नहीं सीखी है। आरटीओ ने उन्हें एक महीने का समय दिया है। साथ ही उनसे कहा गया कि अगर वे एक महीने में भाषा नहीं सीख पाए तो उनके लाइसेंस और पब्लिक सर्विस व्हीकल (PSV) बैज तीन महीने के लिए निरस्त किए जा सकते हैं। और अगर बार-बार नियम तोड़ा गया तो उनके लाइसेंस हमेशा के लिए निरस्त किए जा सकते हैं।
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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके, अजय शिंदे और चार-पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ लातूर के एक जिला परिषद स्कूल में बिना अनुमति घुसने का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने छात्रों के सामने शिक्षकों से सवाल किए, इसका वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर शेयर किया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
