पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) के साढ़े चार साल के राज में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के पेपर लीक का एक भी मामला नहीं हुआ है। वहीं शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि फार्मेसी ऑफिसर्स रिक्रूटमेंट एग्जाम में कथित गड़बड़ियां एक चीटिंग रैकेट थीं। सीएम भगवंत मान और हरजोत सिंह बैंस के ये बयान विपक्षी पार्टियों के बढ़ते हमले के बीच आए हैं।

कैसे हुआ खुलासा?

विपक्षी दल 19 जुलाई को फरीदकोट में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज में हुए फार्मेसी ऑफिसर्स रिक्रूटमेंट एग्जाम में ‘पेपर लीक’ का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। पुलिस जांच में पता चला कि कुछ अभ्यर्थियों ने प्रश्न पत्र की फोटो खींचने के लिए एग्जाम हॉल के अंदर एक छिपा हुआ पेन कैमरा रखा था। ये फोटो WhatsApp के ज़रिए हरियाणा के एक मास्टरमाइंड को भेजी गईं। फिर एग्जाम हॉल के अंदर कुछ चुने हुए अभ्यर्थियों को उनकी पगड़ी, मोजे और अंडरगारमेंट्स के अंदर छिपे ब्लूटूथ इयरपीस और वायरलेस डिवाइस के ज़रिए जवाब बताए गए। सिंडिकेट ने कथित तौर पर पासिंग मार्क्स की गारंटी के लिए परेशान अभ्यर्थियों से 3.5 लाख रुपये से 13 लाख रुपये के बीच लिए गए। इस केस में अब तक करीब 35 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

भगवंत मान ने कहा, “हमारी सरकार को सत्ता में आए चार साल से ज़्यादा हो गए हैं और पंजाब में एक भी एग्ज़ाम का पेपर लीक नहीं हुआ है। हाल ही में जब फार्मेसी ऑफिसर एग्ज़ाम में चीटिंग कराने की कोशिश का पता चला, तो हमने तुरंत एक्शन लिया।” भगवंत मान मोहाली के ज़ीरकपुर में सरकारी स्कूलों के NEET क्वालिफायर को सम्मानित करने के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे।

इसके अलावा हरजोत बैंस ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा, “BJP की लीडरशिप वाली सेंटर के खिलाफ़ प्रोटेस्ट ने साबित कर दिया है कि हमारा देश सुरक्षित हाथों में है। युवा जागरूक हैं। लेकिन अब कुछ लोग मेरा इस्तीफ़ा मांग रहे हैं। उनके साथ प्रॉब्लम यह है कि वे कभी भी फैक्ट्स सही नहीं रखते और अब वे कह रहे हैं कि पंजाब में भी पेपर लीक हुआ था। सबसे पहले, यह पेपर लीक नहीं था, यह चीटिंग थी। जिन्होंने चीटिंग की, उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया गया। साथ ही यह मामला मेरे डिपार्टमेंट का नहीं, बल्कि मेरे कलीग का है, लेकिन कैबिनेट की पूरी ज़िम्मेदारी है इसलिए मैं भाग नहीं सकता।”

मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च, हेल्थ डिपार्टमेंट के अंडर आता है, जिसके हेड डॉ. बलबीर सिंह हैं। फार्मेसी एग्जाम में चीटिंग रैकेट पर टिप्पणी करते हुए भगवंत मान ने कहा, “इसमें शामिल सभी लोगों को जेल भेज दिया गया है। मैं पंजाब के हर युवा को भरोसा दिलाता हूं कि यह सरकार पेपर लीक या चीटिंग की एक भी घटना को उनके भविष्य से समझौता करने की इजाज़त नहीं देगी।”

पंजाब में मेरिट से होता है फैसला- मान

भगवंत मान ने कहा कि पंजाब ने एक ऐसा सिस्टम बनाया है जहां न तो कैश और न ही रिकमेन्डेशन सफलता तय करती है, बल्कि सिर्फ मेरिट ही जीतती है। उन्होंने आगे कहा कि अच्छी क्वालिटी की एजुकेशन, फ्री कोचिंग, मेंटरशिप और करियर काउंसलिंग में लगातार इन्वेस्टमेंट से यह ऐतिहासिक कामयाबी मुमकिन हुई है, जिससे सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स देश के बेस्ट स्टूडेंट्स के साथ मुकाबला कर सकें और एक रंगला पंजाब की मजबूत नींव रख सकें।

बाद में X पर एक पोस्ट में भगवंत मान ने कहा कि 2022 में पंजाब के सरकारी स्कूलों के सिर्फ 82 छात्रों ने NEET एग्जाम पास किया था। उन्होंने आगे कहा, “इस साल यह संख्या बढ़कर 882 हो गई है। यह पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक कामयाबी है और हमारे एजुकेशन सिस्टम में बदलाव को दिखाती है।”

22 छात्रों ने किया सुसाइड

NEET पेपर लीक मामले पर शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भगवंत मान ने कहा कि Gen-Z ने अड़ियल सरकार का रुख किया है। उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक के बाद 22 छात्रों ने सुसाइड कर लिया। उन्होंने कहा, “क्या परिवारों को कोई भी पैसे का मुआवजा उन बच्चों को वापस ला सकता है?” छात्रों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें बस सही गाइडेंस की जरूरत है। उन्होंने कहा, “Gen-Z के पास तेज समझ और एनर्जी होती है, और हमें बस यह पक्का करना है कि इस पोटेंशियल का सही इस्तेमाल हो।”

मैं पंजाब को बदनाम नहीं होने दूंगा- हरजोत सिंह बैंस

दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “मैं अकेला राज्य का शिक्षा मंत्री था जो जंतर-मंतर गया और छात्रों के साथ ग्राउंड पर समय बिताया। मैं कभी स्टेज पर नहीं गया। अगर मेरे इस्तीफे से एजुकेशन सिस्टम को मदद मिलती है, तो मैं कभी भी इसके लिए तैयार हूं। लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं कि अब यह उड़ता पंजाब नहीं रहा, यह पढ़ता पंजाब है। स्कूलों का ग्राउंड पर इंस्पेक्शन करने वाले अकेले शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस हैं। कोई भी यह पोर्टफोलियो लेने को तैयार नहीं था क्योंकि इसे धरने वाला महकमा (विरोध प्रदर्शन का डिपार्टमेंट) और कांटों का ताज (कांटों का ताज) माना जाता था, लेकिन मैंने यह चैलेंज लिया क्योंकि मुझमें जुनून था। मैं पंजाब को बदनाम नहीं होने दूंगा। बैंस को गाली दो, पंजाब को नहीं। पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। कोई भी झूठे पेपर लीक का दावा करके पंजाब को बदनाम नहीं कर सकता।”

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नीट पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने वाले देश के नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। रविवार को पद्भार संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने टॉप अधिकारियों के साथ रिव्यू मीटिंग की। इसके अलावा शिक्षा मंत्री ने NTA को भी समन भेजा है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जोशी ने रविवार शाम को अपने घर पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अधिकारियों की एक अलग मीटिंग बुलाई है। पढ़िए पूरी खबर…