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बुलंदशहर मां-बेटी से सामूहिक बलात्कार मामले में CM ने पुलिस को कार्रवाई के लिये दिए 24 घंटे

मुख्यमंत्री ने प्रकरण को दु:खद एवं दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पुलिस महानिदेशक को निर्देशित किया है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हर सम्भव कदम उठाए जाएं।

Author लखनऊ | July 31, 2016 4:53 PM
यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव। (File Photo)

उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर के करीब एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी के साथ कथित सामूहिक बलात्कार मामले में रविवार को 14 लोगों को हिरासत में लिया गया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस वारदात को बेहद गम्भीरता से लेते हुए पुलिस को मामले के खुलासे के लिये 24 घंटे की मोहलत दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने बताया कि गत शुक्रवार की रात को डाकुओं के एक समूह ने नोएडा से शाहजहांपुर जा रहे एक कार सवार परिवार को देहात कोतवाली क्षेत्र में रोका और एक महिला तथा उसकी 13 वर्षीय बेटी को घसीट कर पास के खेत में ले गए और उनसे बलात्कार किया, जबकि पुरूषों को रस्सी से बांध दिया।

उन्होंने बताया कि लुटेरों ने कार सवार लोगों से नकदी, गहने और मोबाइल फोन भी लूट लिये। कृष्ण ने बताया कि परिवार का एक सदस्य रस्सी खोलने में कामयाब रहा और मामले की सूचना पुुलिस को दी। भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। इस मामले में अब तक 14 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस बीच, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुलन्दशहर जिले में हुई वारदात को बेहद गम्भीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को घटना के दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए 24 घण्टे की मोहलत दी है और कहा है कि मामले में दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई के माध्यम से ऐसी सजा दिलायी जाए कि भविष्य में कोई भी ऐसा दु:साहस करने के बारे में सोच भी ना सके।

उन्होंने पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद को मामले का तत्काल खुलासा करके दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराने तथा मामले से सम्बन्धित थानाध्यक्षों और पुलिस कर्मियों के विरूद्घ कार्यवाही करने के भी सख्त निर्देश दिए हैं। अखिलेश ने पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करके कड़ी से कड़ी सजा दिलवाएगी।

मुख्यमंत्री ने प्रकरण को दु:खद एवं दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पुलिस महानिदेशक को निर्देशित किया है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हर सम्भव कदम उठाए जाएं। साथ ही ऐसी घटनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बरतने वाले पुलिस कर्मियों को चिन्हित कर उनके विरूद्घ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बहरहाल, पुलिस ने पीड़ित परिवार की निशानदेही पर मुख्य संदिग्ध की पहचान करके उसके ठिकाने का पता लगा लिया है और 15 टीमों को उसे पकड़ने के लिए भेजा गया है।उन्होंने कहा कि एसटीएफ की टीमें कार्रवाई कर रही हैं और बुलंदशहर, मेरठ और अन्य राज्यों में छापेमारी कर रही हैं। इस मामले में लापरवाही की शिकायत मिलने पर सम्बन्धित कोतवाल रामसेन को कोतवाली के प्रभार से मुक्त कर पुलिस लाइंस से सम्बद्ध कर दिया है।

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