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CAA के विरोध प्रदर्शन में पिटाई से घायल मौलवी का Video Viral, पुलिस पर लग रहा आरोप

मदरसे के कर्मचारियों ने बताया कि हिंसा वाले दिन मदरसे के अंदर 200 से ज्यादा पुलिसवाले घुस आए। उन्होंने रास्ते में आने वाले सभी लोगों को पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस ने 9 वर्ष के एक नाबलिग बच्चे को भी बेरहमी से पीटा था।

aimim, npr, caa protest, nrc protestघटना का पुलिस जांच कर रही है। (indian express file)

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में सीएए के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से पुलिस की लाठियों से एक मौलवी बुरी तरह से घायल हो गया था। उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें मौलवी के एक हाथ में प्लास्टर चढ़ा हुआ है और बाकी के शरीर पर लाठियों से पीटे जाने का निशान है। इस तस्वीर के साथ मुजफ्फपुर पुलिस की कड़ी निंदा की जा रही है।

मौलवी को बेरहमी से पुलिस ने पीटा: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मौलवी का नाम असद रजा हुसैनी है। टाइम्स ऑफ इंडिया के रिपोर्ट का दावा है कि केवल मौलवी को ही नहीं बल्कि उसके मदरसे के बच्चों को भी बेरहमी से पीटा गया है। साथ ही पुलिस ने वहां से छात्रों समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। साथ ही पुलिस ने मीडिया को बताया कि पुलिस मदरसे के अंदर उपद्रवियों का पीछा करते हुए घुसी थी।

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9 साल के बच्चे को पीटा: बता दें कि इस घटना के बाद से मौलवी के परिवार में खौफ का माहौल है। वह इस मामले पर कुछ बोलने से डर रहे है। हालांकि मदरसे के कर्मचारियों ने बताया कि हिंसा वाले दिन कम से कम मदरसे के अंदर 200 से ज्यादा पुलिसवाले घुस आए। उन्होंने रास्ते में आने वाले सभी लोगों को पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने बच्चों को भी नहीं छोड़ा। इस दौरान पुलिस ने 9 वर्ष के एक नाबलिग बच्चे को भी बेरहमी से पीटा था।

मौलवी को पुलिस ने घसीटकर ले गई:  मदरसे के कर्मचारी नईम ने मीडिया को बताया कि हुसैनी हमेशा से यहां के स्थानीय राजनीति से खुद को दूर रखे और अपनी पूरी जिंदगी समाज की सेवा करने में गुजार दी। फिर भी पुलिस उन्हें बर्बरता से पीटी और मदरसा परिसर से बाहर घसीट कर ले गई थी।

पुलिस दंगाइयों का पीछा कर रही थी: गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर एसपी सतपाल अंतिल ने मीडिया को बताया कि जिस समय यह घटना हुई, उस समय मीनाक्षी चौक और महावीर चौक के बीच कम से कम 50000 लोगों की भीड़ थी, जो पुलिस पर हमला किया था और सभी हिंसा करने के लिए उतारू थे। जब पुलिस ने इन्हें नियंत्रण करने की कोशिश की तो कुछ हिंसक प्रदर्शनकारी मदरसा परिसद में जा घुसे और अंदर से पुलिस पर पत्थर और फायरिंग शुरू कर दी। इसे रोकने के लिए पुलिस ने परिसर के अंदर प्रवेश किया और फिर 70 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

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