Clean India campaign has been launched in Mandla, Madhya Pradesh, where Prime Minister Narendra Modi will also be there - मध्‍य प्रदेश: जहां होना है पीएम मोदी का दौरा वहां हर घर में शौचालय, मगर पानी ही नहीं - Jansatta
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मध्‍य प्रदेश: जहां होना है पीएम मोदी का दौरा वहां हर घर में शौचालय, मगर पानी ही नहीं

यहां शौचालय तो अधिकांश घरों में होने का दावा किया जाता है, मगर अधिकांश लोग खुले में शौच को मजबूर हैं, क्योंकि शौचालय की सफाई तो दूर, पीने के पानी के लाले पड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री मंगलवार को मंडला जिले के रामनगर आ रहे हैं।

Author April 23, 2018 11:33 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फाइल फोटो। (Image Source: PTI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंचायती राज दिवस के मौके पर मंगलवार को मध्यप्रदेश के मंडला आ रहे हैं। यहां स्वच्छ भारत अभियान चलाया गया है, जिसके तहत हर गांव, बस्ती को खुले में शौच से मुक्त किए जाने के साथ हर घर में शौचालय बनाने की मुहिम चलाई गई है, मगर मंडला जिले के सिंघपुर ग्राम पहुंचकर इस अभियान की हकीकत को समझा जा सकता है। यहां शौचालय तो अधिकांश घरों में होने का दावा किया जाता है, मगर अधिकांश लोग खुले में शौच को मजबूर हैं, क्योंकि शौचालय की सफाई तो दूर, पीने के पानी के लाले पड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री मंगलवार को मंडला जिले के रामनगर आ रहे हैं। जबलपुर से मंडला जाने वाले मार्ग पर स्थित है सिंघपुर गांव। इस ग्राम पंचायत में सिंघपुर के अलावा दो गांव समैया और खुदरी आते हैं।

सिंघपुर के प्रमोद कुमार कुशवाहा बताते हैं कि बड़ी संख्या में यहां के लोगों को न तो प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है, और न ही शौचालय बने हैं। जिन घरों में बने हैं, उनके लिए शौचालय का उपयोग मुश्किल हो चला है, क्योंकि पानी ही नहीं है। लगभग 145 घरों के इस गांव में एक हैंडपंप चालू हालत में है और एक व्यक्ति को मुश्किल से एक दिन में 30 लीटर पानी मिल पा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि लोग उस पानी से नहाएं, पीने में उपयोग करें, खाना बनाएं या शौचालय में डालें।

इसी गांव के चमरुदास बताते हैं कि उनके घर में शौचालय बना है, मगर वे उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इसकी वजह हे पानी की कमी। लिहाजा, और लोगों की तरह वे भी खुाले में शौच को मजबूर हैं। यहीं के नंदकिशोर कहते हैं, “सुबह से यहां के हैंडपंप पर लंबी कतारें लग जाती हैं और कई घंटे बाद नंबर आता है। आखिर दो डिब्बों में परिवार का काम कैसे चले, इसी जद्दोजहद में पूरा दिन गुजर जाता है।

यह बताना लाजिमी होगा कि राज्य की एक महिला अधिकारी ने शौचालय की सफाई के लिए पानी न होने की समस्या का जिक्र करते हुए एक आलेख लिखा था तो राज्य की सियासत में भूचाल के हालात बन गए थे, मगर सिंघपुर पहुंचकर सरकारी टीम ने जब मुआयना किया तो उस अधिकारी की बात पर मुहर लग गई। नजदीकी ग्राम पंचायत सरसवाही की सुदामा बाई कहती हैं कि शौचालय तो बन गया है, मगर दीगर सुविधाओं से वंचित है। यह ग्रामीण आदिवासी बहुल इलाका पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते के भाई रामप्यारे का विधानसभा क्षेत्र है। गांव का हर व्यक्ति एक ही बात कहता है कि चुनाव के बाद से बीते चार वर्षो से विधायक को उन्होंने देखा ही नहीं है। हो सकता है कि मंगलवार को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए वह जरूर इस गांव में आएं।

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