उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। सीएम योगी ने कहा कि विपक्षी दल समाज को जाति के आधार पर बांटने, फेक अकाउंट्स से नफरत फैलाने और युवाओं व छात्रों को भड़काने का काम कर रहे हैं। सीएम योगी के मुताबिक दिल्ली में संसद का घेराव भी छात्रों को बदनाम करने के लिए किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “आपने देखा होगा कि कैसे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में संसद सत्र को घेर लिया, कैसे उन्होंने स्थिति बिगाड़ी और अशांति फैलाकर छात्रों को बदनाम करने की कोशिश की।”
जब कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाया गया तब वे चुप रहे- योगी
सीएम ने आगे कहा, कांग्रेस सरकार के दौरान, जब कश्मीर में कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाया गया और विस्थापित किया गया तब वे चुप रहे। लेकिन, जब मोदी सरकार ने हिंदुओं की सुरक्षा और संरक्षण की बात की तो इन लोगों ने इसके खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश की। उन्होंने विरोध प्रदर्शन, आंदोलन, तोड़फोड़, आगजनी और अन्य गतिविधियां आयोजित करने का प्रयास किया।”
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “दिल्ली में ही नहीं बल्कि उन्होंने उत्तर प्रदेश और देश भर के अन्य राज्यों में भी व्यवधान पैदा करने की कोशिश की। जब वे इसमें असफल रहे तो उन्होंने किसानों को भड़काना शुरू कर दिया। उन्होंने पंजाब और हरियाणा के लोगों को प्रभावित करके किसान आंदोलन शुरू किया। उन्होंने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की।”
सीएम योगी बोले- विपक्षी दल युवाओं, किसानों और छात्रों को भड़का रहे
सीएए का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिटिजन शिप अमेंडमेंट एक्ट का कानून पास हुआ तो कांग्रेस और सपा के साथ के सेक्यूलर दलों ने विरोध किया। मुस्लिम संगठन विरोध में आए, लंबे तक समय तक इन्होंने आंदोलन किया। बांग्लादेश,पाकिस्तान में दलितों, हिंदुओं के कत्लेआम पर ये चुप रहे।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल युवाओं, किसानों और छात्रों को भड़का रहे हैं। दिल्ली में संसद सत्र का घेराव और तोड़-फोड़ भी छात्रों को बदनाम करने के लिए सपा और कांग्रेस द्वारा कराई गई थी। सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने युवाओं और दलितों-वंचितों को भड़काना शुरू किया, फेल हो गए तो अब इन्होंने छात्रों को अपना निशाना बनाना शुरू किया है।
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यूपी के विधानसभा चुनाव में महज 6-7 महीनों का ही वक्त बचा है। उससे पहले सत्तारूढ़ बीजेपी से लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी और उसके सहयोगी तक, एससी यानी अनुसूचित जाति वर्ग तक पहुंच बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। सभी राजनीतिक दलों ने अपने इन प्रयासों को तेज भी कर दिया है। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
