कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने बुधवार को पीएम केयर्स फंड को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश में स्कूलों की स्थिति ठीक नहीं है, अधिकारी कह रहे की फंड की कमी तो ऐसे में पीएम केयर्स फंड के इस्तेमाल से ग्रामीण स्कूलों को बेहतर बनाया जा सकता है।

अभिजीत दिपके ने कहा कि PM केयर्स फंड के उपयोग से ग्रामीण स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने और 1,000 से अधिक नए हाई-टेक स्कूल बनाने के लिए किया जा सकता है।

CJP के शुरू किया स्कूल ठीक करो कैंपेन

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने हाल ही में ग्रामीण स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर में कमियों को उजागर करने के लिए ‘स्कूल ठीक करो’ कैंपेन शुरू किया है, उन्होंने दावा किया कि देश के बच्चे अपने स्कूलों तक अच्छी सड़कों और स्कूलों में बेंच व पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं।

पीएम केयर्स में जमा है कितनी रकम?

हाल ही में आई एक ताजा ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च 2025 तक ‘प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन स्थिति राहत कोष’ (PM CARES Fund) में कुल 8,452 करोड़ रुपये जमा था, जो एक साल पहले 7173 करोड़ रुपये था। साल 2024-25 के दौरान कुल भुगतान 87.85 लाख रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 15.6 करोड़ रुपये था।

स्कूलों के लिए इस पैसे का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहे?

सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो में अभीजीत दीपके ने कहा, “एक तरफ तो 8500 करोड़ रुपये बिना इस्तेमाल किए हुए पड़े हैं और दूसरी तरफ हम देख रहे कि इस देश के बच्चे स्कूल जाने के लिए अच्छी सड़क, स्कूल में अच्छी बेंच और पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। तो, हम इन बच्चों के स्कूलों के लिए इस पैसे का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहे हैं?”

उन्होंने आगे कहा, “इस पैसे का उपयोगकर नए स्कूल बनाने के लिए क्यों नहीं किया जा रहा है? अगर मान भी लिया जाए कि एक स्कूल बनाने का खर्च करीब 8 करोड़ रुपये है तो सभी सुविधाओं वाला एक अच्छा स्कूल, एक मॉडल स्कूल 8 करोड़ में बन जाता है, तो 8,500 करोड़ रुपये में 1,000 से अधिक नए हाई-टेक मॉडल स्कूल बनाए जा सकते हैं। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।”

ग्रामीण इलाकों के स्कूलों की खराब

महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों के स्कूलों के अपने हालिया दौरे पर, अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी हालत बहुत खराब है। उन्होंने कहा, “जब मैंने अधिकारियों से पूछा कि यहां बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं हैं, तो मुझे बताया गया कि फंड की कमी है।”

उन्होंने आगे कहा, “एक तरफ तो कहा जा रहा है कि फंड नहीं है और दूसरी तरफ पीएम केयर्स फंड में 8500 करोड़ रुपये पड़े हैं। तो क्या इस पैसे का इस्तेमाल स्कूलों के लिए नहीं किया जाना चाहिए?” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री मोदी से बच्चों की शिक्षा के लिए इस पैसे का इस्तेमाल करने को कहें।

दो तस्वीरें शेयर कीं

उन्होंने कहा, “ऐसे में, प्रधानमंत्री से गुजारिश है कि वे पीएम केयर्स फंड का इस्तेमाल लोगों, शिक्षा और गरीब बच्चों के स्कूलों के लिए करें। प्रधानमंत्री को यह दिखाना चाहिए कि उन्हें सच में परवाह है।” एक पर एक और पोस्ट में, CJP के संस्थापक ने दो तस्वीरें शेयर कीं जिसमें एक गंदे टॉयलेट की और दूसरी जर्जर स्कूल की इमारत की थी। उन्होंने कहा, “पीएम केयर्स फंड का अच्छा इस्तेमाल किया जा सकता है।”

ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम केयर्स फंड के 8,452 करोड़ रुपये के बैलेंस में से 7,846 करोड़ रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट में और 605 करोड़ रुपये सेविंग्स बैंक अकाउंट में रखे गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि फंड ने ‘पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन स्कीम’ पर 87.8 लाख रुपये खर्च किए। इस स्कीम का मकसद उन बच्चों की मदद करना है जिन्होंने COVID-19 के दौरान अपने माता-पिता, कानूनी अभिभावक या गोद लेने वाले माता-पिता दोनों को खो दिया है। यह खर्च पिछले साल के 15.37 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी कम है।

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