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नागरिकता बिल पर बोले बीजेपी नेता- भारतीय मुस्लिम अलग हैं, बांग्लादेशियों से है हमारी लड़ाई

असम में नागरिकता संशोधन बिल पर बातचीत करते हुए असम बीजेपी के बड़े नेता हेमंत बिस्वा शर्मा ने बड़ा बयान दिया। इससे पहले उन्होंने कहा था कि यदि नागरिकता बिल नहीं आया तो असम की 17 विधानसभा सीटें बांग्लादेशी मुस्लिमों के पास चली जाएंगी।

हेमंत बिस्वा शर्मा, मंत्री, असम सरकार (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

असम सरकार में मंत्री और तीन साल पहले कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आए दिग्गज नेता हेमंत बिस्वा शर्मा ने नागरिकता संशोधन बिल के संदर्भ में बातचीत के दौरान एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की लड़ाई भारतीय मुस्लिमों से नहीं बल्कि बांग्लादेश के मुस्लिमों से है। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि असम के लोगों ने हमेशा बांग्लादेशी मुस्लिमों का विरोध किया है।

पहचान के संकट से जूझ रहे हैं असमिया लोगः बीजेपी नेता शर्मा ने कहा था कि यदि नागरिकता बिल नहीं आया तो असम की 17 विधानसभा सीटें बांग्लादेशी मुस्लिमों के पास चली जाएंगी। शर्मा ने अपने इस बयान पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, ‘यह बात चुनाव के बाद कही गई थी। मैं अभी भी यही मानता हूं। असम के लोग अपनी पहचान खोने के गंभीर खतरे से जूझ रहे हैं। यह बात सुप्रीम कोर्ट ने भी मानी है। जो बात मैं कह रहा हूं उससे भी कड़े शब्दों में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था।’

शर्मा से जब पूछा गया कि नागरिकता बिल के तहत गैर मुस्लिमों को स्वीकार किया जा रहा है, ऐसे में क्या उनके आने से असमिया पहचान को नुकसान नहीं होगा? इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘असमिया पहचान भारतीय पहचान का हिस्सा है। हमारी अपनी संस्कृति है लेकिन व्यापकर तौर पर हम भारत की संस्कृति और मूल्यों का ही हिस्सा हैं। लेकिन शरणार्थी मुस्लिम हमारी सांस्कृतिक पहचान साझा नहीं करते। हम असम में अल्पसंख्यक कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। लेकिन बाहर से आने वाले मुस्लिम हमारी संस्कृति के लिए खतरा बने हुए हैं। लेकिन जब आप हिंदुओं, सिखों आदि पर गौर करेंगे तो देखेंगे कि वे हमारे लिए अतिरिक्त राजनीतिक या सांस्कृतिक चुनौती पेश नहीं करते।’

 

उन्होंने कहा, ‘हमें भारत के किसी भी हिस्से में रहने वाले मुस्लिमों से कोई दिक्कत नहीं है। वो बिलकुल भारत के किसी अन्य नागरिक की तरह हैं। मैं धर्मनिरपेक्ष विचारधारा का हूं। आमतौर पर मैं मुस्लिमों की उतनी ही इज्जत करता हूं। बांग्लादेशी मुस्लिमों से हमारी लड़ाई परंपरा के लिए है न कि धर्म के लिए। असम का मुस्लिम यह बात समझता है। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद बांग्लादेश से भागकर आए 92 मुस्लिमों के खिलाफ सोशल मीडिया पर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने के मामले में केस दर्ज किया गया था। वे हमारी सभ्यता को चुनौती दे रहे हैं। लेकिन असम, यूपी या बिहार के मुस्लिम अलग हैं। हम भारतीय मुस्लिमों के खिलाफ नहीं हैं।’

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